प्रदेश के श्रम और सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में आउटसोर्सिंग से प्राइवेट कंपनियों की सभी नौकरियों को सेवायोजन विभाग से जोड़ा जाएगा। सेवायोजन विभाग में पंजीकरण के माध्यम से ही इन नौकरियों के लिए युवाओं का चयन होगा। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का बखान किया। उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती पर भी तंज कसे।
गुरुवार को लोक निर्माण विभाग के अतिथिगृह में पत्रकारों से बातचीत में मौर्य ने कहा कि सपा सरकार के दौरान शुरू किया गया बेरोजगारी भत्ता महज छलावा था।
अब योगी सरकार ने बेरोजगारों को भत्ता देने के बजाय रोजगार देने का फैसला किया है। इस दिशा में रोजगार मेले लगाए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व सरकार की श्रमिकों को साइकिल वितरित करने की योजना पर कहा कि पूर्व की सपा सरकार ने साइकिलों का वितरण श्रमिकों को नहीं, सपाइयों को गलत तरीके से किया था। लिहाजा इस सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया है। श्रमिकों के लिए शीघ्र ही विभाग की ओर से नई योजना लागू की जाएगी।
मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का संचालन किया है। इसमें प्रमुख रूप से श्रमिकों की बेटियों की शादी के लिए 55 हजार रुपये का अनुदान, श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए अनुदान, आकस्मिक दुर्घटना पर पांच लाख रुपये का बीमा, दिव्यांगता पर तीन लाख रुपये का भुगतान, श्रमिकों की बेटियों की शादी के लिए प्रदेश, जिला और तहसील स्तर पर अनुदान की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में श्रमिकों की बेटियों को अनुदान के लिए मिलने वाले 20 हजार रुपये में पांच से छह हजार रुपये बिचौलिए खा जाते थे। इसके बाद ही इसका लाभ मिलता था, लेकिन अब शादी के दिन ही श्रमिकों को इसका लाभ दिया जाएगा। कहा कि, बसपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने डॉ. अंबेडकर के मिशन को पूंजीपतियों के हाथों नोटों की खातिर बेच दिया है, इसलिए हमारा विद्रोह बसपा से नहीं, बल्कि मायावती से है। भाजपा सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के पांच स्मारकों को निर्मित कराने का निर्णय लिया है।
भाजपा डॉ. अंबेडकर और पं. दीनदयाल उपाध्याय के मिशन को लेकर आगे बढ़ रही है। इस मौके पर सांसद राजेश दिवाकर, विधायक वीरेंद्र सिंह राना, सदर विधायक हरीशंकर माहौर, भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार, जिला महामंत्री रूपेश उपाध्याय, पूर्व जिला महामंत्री टरमेश सेंगर, प्रमोद सेंगर, महावीर तिवारी, अविनाश तिवारी, ज्ञानेंद्र सिंह एडवोकेट, नितिन पुंढीर, नील शर्मा, अतुल राना, पंकज गुप्ता, राजकुमार शर्मा आदि प्रमुख थे।