शहर में एक गोदाम के अंदर रखीं सरिया व एंगल। संवाद
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जनपद में लोहे की सरिया और एंगल के दामों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। सरिया 75 से घटकर 52 और एंगल 80 से लुढ़क कर 54 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। जिसका लाभ मकान निर्माण कराने वाले उपभोक्ताओं, ठेकेदारों और छोटे बिल्डरों को मिल रहा है।
कारोबारियों के अनुसार तीन माह पहले मार्च तक सरिया और एंगल के दाम 75 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। उस समय भवन निर्माण की लागत में काफी बढ़ोतरी हो गई थी, लेकिन वर्तमान में सरिया का थोक भाव 52 रुपये और एंगल 54 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। जिससे भवन निर्माण कार्यों में तेजी आ रही है।
लोहा कारोबारियों का कहना है कि जिले और आसपास में संचालित स्टील निर्माण इकाइयों से लगातार माल की आपूर्ति हो रही है। हाथरस में कबाड़ को गलाकर सरिया और एंगल बनाने वाली दो प्रमुख इकाइयों से भी बड़ी मात्रा में माल बाजार तक पहुंच रहा है। मांग के मुकाबले माल की अधिक उपलब्धता होने से कीमतें घट रही हैं। भवन निर्माण से जुड़े लोगों का कहना है कि वर्तमान कीमतों में मकान निर्माण कराना अपेक्षाकृत सस्ता है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि बाजार में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कीमतों में कटौती की जा रही है। स्थानीय स्तर पर सरिया और एंगल का उत्पादन होने से प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
बाजार में इस समय माल की उपलब्धता अधिक है। स्थानीय कारखानों से लगातार आपूर्ति हो रही है, जिससे सरिया और एंगल के दाम नीचे आए हैं। ग्राहकों के लिए यह अच्छा समय है।
-सौरभ सिंघल, लोहा कारोबारी।
कुछ महीने पहले की तुलना में भाव काफी कम हैं। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से व्यापारियों को कम मुनाफे पर काम करना पड़ रहा है, लेकिन इससे उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है।
-पवन गोयल, लोहा कारोबारी।