हाथरस-जलेसर मार्ग पर सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की बात है। जिला प्रशासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने शासन को 82 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर भेजा है। बजट की मंजूरी मिलने के बाद पहले चरण में गड्ढों को भरा जाएगा। जब चौड़ीकरण का प्रस्ताव पास हो जाएगा तो मार्ग को चौड़ा करते हुए नया बनाया जाएगा।
हाथरस-जलेसर मार्ग की हालत कई सालों से खराब है। हाथरस जिले की सीमा में इस मार्ग का करीब 16 किमी का हिस्सा आता हे। इस मार्ग की हालत यह है कि लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल है। कई बार लोगों ने मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बीते दिनों लोगों ने मार्ग के निर्माण के लिए धरना-प्रदर्शन किया।
जिला प्रशासन के निर्देश पर लोनिवि के द्वारा मार्ग के गड्ढे भरने के लिए 82 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। इस बजट को जल्द मंजूरी मिलने की बात कही जा रही है। इस मार्ग से करीब 25 गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं, लेकिन इसकी खराब हालत के कारण वर्तमान में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मार्ग पर ये हैं गांव
नयाबांस, नगला खान, जैनी गढ़ी, गंगचौली, नगला इमलिया, लाड़पुर, भोपतपुर, भिलोखरी, मिर्जापुर, कैमार, ऐंहन, सिकंदरपुर, परसारा, कुम्हरई, पैकवाड़ा, अफोया, लाखनू, सूरजपुर, बेरगांव, कोका, तिपरस, नगला अलिया, सूजिया, सुजान सहित 25 गांवों के लोग हर रोज इस मार्ग से आवागमन करते हैं। इस मार्ग से लोग जलेसर और फिरोजाबाद के लिए भी आते-जाते हैं।
मार्ग का निर्माण होना बहुत जरूरी है। मार्ग पर जल्द से जल्द गड्ढे भरे जाएं तो काफी हद तक राहत मिलेगी। वैसे इस मार्ग को चौड़ा कर एक बार में जल्द बनाया जाए तो ज्यादा फायदा होगा। -श्यौराज सिंह
कई साल से मार्ग की हालत बहुत खराब है। यदि लोनिवि द्वारा अब गड्ढे भरने की तैयारी की जा रही है तो यह अच्छी बात है। यह काम जल्द शुरू होना चाहिए, ताकि आवागमन में राहत मिले। -बबलू ठाकुर, राहगीर
हाथरस सीमा में मार्ग की हालत ज्यादा खराब है। इसकी ओर किसी के द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। यदि समय-समय पर मार्ग को दुरुस्त किया जाता तो इतने गहरे गहरे गड्ढे नहीं होते। -ज्ञानेंद्र सिंह, राहगीर
इस मार्ग के गड्ढे भरने के लिए 82 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। जैसे ही हरी झंडी मिलती है, वैसे ही इस मार्ग को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू करा दिया जाएगा। -राजेश निगम, अधिशासी अभियंता लोनिवि।