लंबे समय से मंदी झेल रहे आलू किसानों को सितंबर के आखिरी दिनों में हुई बारिश के बाद बाजार में आए सुधार से राहत मिली है। शीतगृहों में करीब 500 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा आलू अब 600 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, कुछ खास किस्मों के भाव में 200 रुपये प्रति पैकेट तक का उछाल आया है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु की मंडियों में 3797 किस्म के आलू की मांग बढ़ने और अगैती आलू की बोआई प्रभावित होने से भंडारित आलू के दाम में आगे और भी सुधार की उम्मीद है। बारिश से पहले मंडी में आलू का कम भाव मिल रहा था। इस कारण किसान शीतगृहों से आलू निकालने से बच रहे थे। अब बाजार में मांग बढ़ने से निकासी तेज होने लगी है। व्यापारियों के मुताबिक, दूसरी हरी सब्जियों के महंगे होने और अगेती आलू की बोआई पिछड़ने से भी भंडारित आलू की मांग को सहारा मिल रहा है।
व्यापारी रामवीर सिंह, विपिन चौधरी और प्रवीण दुबे ने बताया कि बारिश से पहले 500 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा आलू अब 600 रुपये तक पहुंच गया है। 3797 किस्म के प्रीमियम आलू में डबल वीवीआईपी का भाव 705 रुपये और वीआईपी का भाव 650 रुपये प्रति पैकेट तक पहुंच चुका है। सासनी क्षेत्र में शुगर फ्री आलू का अधिक भंडारण होता है। दिल्ली-एनसीआर में इसकी अच्छी मांग रहती है। इस किस्म के भाव में भी 200 रुपये प्रति पैकेट तक की बढ़त हुई है।
आलू की किस्में और उनके भाव
टी-7 : 700 से 800 रुपये प्रति पैकेट
सूर्या : 600 से 750 रुपये प्रति पैकेट
चिप्सोना : 550 से 650 रुपये प्रति पैकेट
3797 (डबल वीवीआईपी-वीआईपी) : 650 से 705 रुपये प्रति पैकेट
डायमंड : 500 से 550 रुपये प्रति पैकेट
शीतगृहों में बचा 35 प्रतिशत स्टॉक
नई फसल की आवक में देरी होने से बाजार की मांग पूरी करने के लिए व्यापारियों और उपभोक्ताओं की निर्भरता भंडारित आलू पर बनी रह सकती है। ऐसे में शीतगृहों में बचा 35 प्रतिशत स्टॉक किसानों को बेहतर भाव मिलने की उम्मीद जगा रहा है। शीतगृह एसोसिएशन के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रविकांत अग्रवाल ने बताया कि इस बार आलू का भंडारण अधिक हुआ था। जिले के शीतगृहों से अब तक लगभग 65 प्रतिशत आलू की निकासी हो चुकी है, जबकि 35 प्रतिशत स्टॉक बचा है। भाव में सुधार के बाद शेष स्टॉक की निकासी तेज होने की उम्मीद है।
इन क्षेत्रों में अगैती बोआई प्रभावित
उत्तर प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्र फर्रुखाबाद, कन्नौज, शाहजहांपुर, संभल, हरदोई, इटावा, बेवर, मैनपुरी और ऊंझानी समेत कई इलाकों में बारिश और गर्म मौसम के कारण अगैती आलू की बोआई प्रभावित हुई है। इससे नई फसल की आवक में देरी की आशंका है। ऐसे में भंडारित आलू की मांग बढ़ सकती है।
पिछले कुछ दिनों में आलू के भाव में उछाल आया है। कई क्षेत्रों में बारिश के कारण भंडारित आलू के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। आलू किसानों को योजनाओं के तहत अनुदान भी दिया जा रहा है। -सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी