दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आलू, सरसों और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बारिश के चलते खेतों में जलभराव हो रहा है, जिससे फसलों में रोग लगने और पैदावार प्रभावित होने का खतरा है।
बारिश थमने के बाद किसान खेतों पर पहुंचकर अपनी फसलों का हाल जान रहे हैं। कई खेतों पर आंशिक जलभराव है, जिसे निकालने के लिए किसान नालियां साफ कर रहे हैं। आलू में मिट्टी चिपकने और गलने की समस्या आ रही है। सरसों में फूल झड़ने की शिकायत हो रही है। यदि मौसम साफ नहीं होता है तो नुकसान बढ़ सकता है। फिलहाल किसान मौसम पर नजर बनाए हुए हैं और फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी निखिल देव तिवारी ने कहा कि अभी बारिश से अधिक नुकसान नहीं पहुंचा है, किसानों को सलाह दी जा रही है।
लगातार बूंदाबांदी से आलू को सबसे ज्यादा खतरा है, अगर बारिश ज्यादा हुई तो बहुत नुकसान हो सकता है।
-महावीर सिंह, किसान।
गेहूं की फसल अभी नाजुक है। अधिक नमी से रोग लगने की संभावना है। सुबह-शाम देखभाल कर रहे हैं।
-रामजी लाल, किसान।
बारिश से सरसों में फूल और दाने झड़ने का डर है। मौसम साफ नहीं हुआ तो पैदावार प्रभावित हो सकती है।
-ऋषि, किसान।