किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर रालोद पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां इन कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने डीएम को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
रालोद के पश्चिमी यूपी अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी और रालोद जिलाध्यक्ष व पूर्व सदर विधायक गेंदालाल चौधरी के नेतृत्व में यह आयोजन हुआ। ज्ञापन में कहा कि प्रदेश का किसान बेहाल हैं। प्रदेश का आलू किसान भुखमरी के कगार पर है। सरकार शीतगृहों में भंडारित किसान के आलू का लाभकारी मूल्य पर खरीद कर अपने एजेंसियों द्वारा निर्यात कराए। जनपद को अविलंब सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश सरकार द्वारा घोषित कॉम्पेक्ट केन एरिया नीति से पहले ही आत्म हत्या को मजबूर किसानों का विरोधी निर्णय है। जनहित में सरकार तुरंत प्रभाव से इस तुगलकी फरमान को वापस ले। गन्ना किसान की बढ़ती लागत मूल्य को देखते हुए गन्ने का लाभकारी समर्थन मूल्य घोषित किया जाए।
प्रदेश सरकार गन्ना मूल्य राज्य परामर्शी दर की प्रक्रिया को पूर्ववत जारी रखे और केंद्र की फेयर एंड रिम्यूनेटिव नीति लागू न करे। गन्ना बकाया भुगतान ब्याज तुरंत दिलवाया जाए।
किसानों के कोल्हू पर आयद विभिन्न विसंगतियों को तुरंत दूर किया जाए। गन्ना मिल जल्द से जल्द चलवाई जाए, ताकि रबी फसल की बुवाई समय पर हो सके। इस मौके पर रालोद पश्चिमी यूपी महासचिव गुड्डू चौधरी, पूर्व ब्लाक प्रमुख धर्मवीर सिंह,मंडल अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ चौ. एनपी सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख चौ. रमेश ठेंनुआ, जिला महासचिव चौ. एदल सिंह, डा. चंद्रभान भारत, जिला कोषाध्यक्ष कोमल सिंह, उमाशंकर वर्मा, योगेंद्र सिंह राना, सुशील चौधरी, ज्वाला सिंह, किशनपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, जेपी धनगर, सचिन पचहरा, अनोखेलाल, भगवान सिंह प्रधान, अजय सिंह, विनोद कुमार, रामगोपाल, टीकम सिंह, धर्मेंद्र, दीपेंद्र, राजेंद्र सिंह, भगवती प्रसाद, रघुवीर सिंह, मोहन सिंह, नवल सिंह आदि थे।