हाथरस। जिले में आलू की खुदाई शुरू हो चुकी है। मौसम की मेहरबानी से इस बार आलू की पैदावार बेहतर रहने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि अब तक जिले में तकरीबन 20 फीसदी आलू की खुदाई हो चुकी है और कोल्ड स्टोरों में आलू भंडारण के लिए वाहनों की लाइन लगनी भी शुरू हो चुकी हैं। हर किसान के सामने जल्द से जल्द अपना आलू खुदवाकर उसे कोल्ड स्टोरों में सुरक्षित पहुंचाने की चुनौती है। किसानों में इसके लिए होड़ मची हुई है, जिससे लेबर की तो चढ़ बनी है। बड़े किसान लेबर को मुंहमंागी कीमत देकर अपना आलू खुदवा रहे हैं, ताकि कोल्ड स्टोर फुल होने से पहले उनका आलू स्टोरेज हो जाए।
बड़े किसानों की होड़ का सबसे बड़ा खामियाजा छोटे और मझोले किसान भुगत रहे हैं। उन्हें लेबर का इंतजाम करने में काफी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं, फिर भी लेबर नहीं मिल पा रही। मिल भी रही है तो दाम इतने ज्यादा हैं कि छोटे किसान सोचने को मजबूर हो जाते हैं। वह या तो अपने परिवार और नाते-रिश्तेदारों की मदद से आलू खुदवा रहे हैं या फिर बड़े किसानों के यहां से लेबर के फ्री होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि माफिक रेट पर उन्हें लेबर मिल सके। स्कूलों में पढ़ाई पर भी आलू का असरआलू की खुदाई का असर बेसिक स्कूलों की पढ़ाई पर भी दिख रहा है। बच्चे परिवार वालों के साथ आलू खुदवाने में लग गए हैं। लिहाजा स्कूलों में उनकी हाजिरी में खासी गिरावट आई है। एक तरह से स्कूलों में सन्नाटा पसर गया है। ड्यूटी पर पहुंच रहे शिक्षकों का पूरा दिन भी खाली बैठे ही बीत रहा है। वह लाख कोशिश के बावजूद बच्चों को स्कूल नहीं ला पा रहे हैं।
100 रुपये तक बढ़े लेबर के रेटलेबर की कमी को देखते हुए जिले में कुछ ठेकेदार भी सक्रिय हो गए हैं। यह लोग बिहार और अन्य प्रदेशों में लेबर की तलाश में लगे हुए हैं। इससे वह आलू खुदाई के सीजन में अच्छी कमाई कर सकें। पिछले साल 200 रुपये प्रतिदिन रहे लेबर के दाम अब 250 से 300 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गए हैं, जिससे इस बार आलू का दाम बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।
बोले किसानहमारे गांव में अब तक 30 फीसदी आलू खुद चुका है। हर किसान आलू को कोल्ड स्टोरों में सुरक्षित रखवाने की जल्दी में है।उपेंद्र कुमार, शेखूपुर अजीत
आलू की खुदाई तेजी से चल रही है। अगले 15 दिन में खुदाई का काम लगभग पूरा हो जाएगा। हम तो फ्री हो चुके हैं। आलू कोल्ड में रखवा रहे हैं।पूरन सिंह, जलालपुर
पिछले साल के मुकाबले पैदावार ठीक ही रहेगी। हालंकि कुछ जगहों पर चुर्री रोग के प्रकोप से पैदावार में कमी जरूर आई है।-गोपाल सिंह, खोरना
मेरी 35 बीघा आलू की फसल है। पूरी खुद चुकी है। इस समय कोल्ड स्टोर खाली हैं। लिहाजा पूरी फसल सुरक्षित रखवा दी है।-लक्ष्मण सिंह, जलालपुर
जिले में आलू भंडारण के लिए पर्याप्त क्षमता उपलब्ध है। अभी कोल्ड स्टोरों को हाउसफुल होने में काफी वक्त लगेगा, इसलिए किसान परेशान नहीं हों।शमीम अहमद, डीएम हाथरस