कोतवाली क्षेत्र के गांव महेवा-शहबाजपुर के मध्य पिछले कई वर्षों से चल रही सोडा फैक्ट्री में बुधवार की रात को गैस का रिसाव हो गया। फैक्ट्री से निकली गैस की चपेट में गांव शहबाजपुर के कई किसानों की खेतों में खड़ी आलू की फसल आ गई। गैस के प्रभाव से यह फसल बुरी तरह झुलस गई और बेकार हो गई। करीब छह किसानों की 50 बीघा से ज्यादा फसल इस गैस के प्रकोप से प्रभावित हुई है।
खून-पसीने से सींचकर पैदा की गई फसल की यह हालत देखकर किसानों के होश उड़ गए हैं। किसानों की मानें तो जब उन्होंने फैक्ट्री स्टाफ को इसकी जानकारी दी तो वह उल्टे उनके साथ ही अभद्रता करने पर उतारू हो गए। किसानों की शिकायत पर पहले हसायन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और फैक्ट्री के दो कर्मियों को हिरासत में ले लिया। एसडीएम सिकंदराराऊ ज्योत्सना बंधु ने भी मौका मुआयना किया।
गुरुवार की सुबह गांव शहबाजपुर के किसान कुंवरजीलाल, बाबूलाल, मुन्नेश कुमार, कमलेश कुमार और डोरीलाल अपने खेत पर पहुंचे तो आलू की फसल को झुलसा देखकर माथा पकड़कर वहीं बैठ गए। किसानों ने फैक्ट्री के चौकीदार और अन्य कर्मचारियों से गैस के रिसाव के बारे में जानकारी दी और बताया कि उनकी फसल को काफी नुकसान हुआ है। आरोप है कि फैक्टी में कार्यरत कर्मचारियों ने किसानों के साथ गाली-गलौज की।
किसानों ने यूपी 100 को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई और फैक्ट्री में कार्य कर रहे दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंच गए। वहीं किसानोें ने घटना की जानकारी एसडीएम ज्योत्सना बंधु को फोन कर दे दी। एसडीएम भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के साथ मौके पर पहुंच गईं। हसायन के कार्यवाहक थानाध्यक्ष जयकुमार कसाना, एसआई जितेंद्र कुमार सिंह चौहान भी फोस्र के साथ वहां आ गए। फसल को देखकर एसडीएम ने फैक्ट्री के अंदर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी की। गैस के रिसाव को होता देखकर तत्काल एसडीएम ने फैक्ट्री को सीज करा दिया।
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इस फैक्ट्री संचालकों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी नहीं थी। लिहाजा इसे सीज करा दिया गया है। बोर्ड के अधिकारियों से इसकी जांच करने को कहा गया है। फैक्ट्री से रिसी गैस कौन सी थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
- ज्योत्सना बंधु, एसडीएम सिकंदराराऊ