पुलिस ने खंगालीं 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज
जांच के दौरान पुलिस टीमों द्वारा लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। कस्बा सहपऊ, मुख्य मार्गों, बाजारों, बैंक, डाकघर, मंदिर, विद्यालयों, सार्वजनिक और निजी प्रतिष्ठानों सहित आसपास के क्षेत्रों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण हुआ। संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों, आने-जाने के रास्तों, समय-क्रम और मूवमेंट पैटर्न का मिलान किया गया। इससे महत्वपूर्ण सुराग विकसित हुए। यक्ष ऐप की मदद से संदिग्ध व्यक्तियों के आवागमन, लोकेशन, आपसी संपर्क और डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण किया गया।
फुटमार्क बना अहम सुराग
संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। तीनों घटनाओं को एक ही गैंग ने अंजाम दिया था। घटनास्थल पर मिले अनोखे फुटमार्क भी अहम सुराग बने। दाहिना पैर उठाकर पंजों के बल चलने वाले अभियुक्त तक पुलिस इन्हीं फुटमार्क से पहुंची।
दो गिरफ्तार, एक बाल अपचारी हिरासत में
ग्राउंड इंटेलिजेंस, टेक्निकल सर्विलांस, सीसीटीवी विश्लेषण, यक्ष ऐप से प्राप्त इनपुट और वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर 28 जुलाई को कार्रवाई हुई। एसओजी टीम, एंटी थेफ्ट टीम और थाना सहपऊ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। एक बाल अपचारी को भी हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि वे तीनों घनिष्ठ मित्र हैं और अक्सर साथ रहते थे। बाल अपचारी कंप्यूटर का कार्य करता है। उन्हें हनुमान टीला मंदिर में 12 जून से श्रीमद्भागवत कथा के लिए चंदा एकत्र होने की जानकारी मिली थी। मंदिर में पर्याप्त धनराशि होने के लालच में उन्होंने चोरी की योजना बनाई।
तीनों वारदात का खुलासा
7/8 जून 2026 की रात करन और बाल अपचारी सरिया लेकर मंदिर पहुंचे। उन्होंने सोते हुए बाबा दिलीप कुमार के तकिए के नीचे से चाबी निकालने का प्रयास किया। बाबा जाग गए और उन्हें पहचान लिया। पहचान उजागर होने के भय से अभियुक्तों ने सरिया और ईंट से प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। उन्हें बाबा की जेब में रुपये नहीं मिले। आर्थिक लाभ न मिलने पर उन्होंने 19/20 जुलाई 2026 की रात डाकघर सहपऊ से एसबीआई स्वैप मशीन चोरी की। मशीन से पैसे निकालने में असफल रहने पर उसे तोड़ दिया। इसके बाद 22/23 जुलाई 2026 की रात तीनों ने कैनरा बैंक सहपऊ में सेंधमारी की। बैंक में भी उन्हें कोई नकदी या मूल्यवान वस्तु नहीं मिली। अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सरिया, ईंट और चोरी की गई स्वैप मशीन के पार्ट्स बरामद किए गए।