सिकंदराराऊ। पुरदिलगनर कस्बे में जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग के तिराहे पर लगी डॉ.बीआर अंबेडकर की प्रतिमा लगाने का मामला रविवार को भी नहीं सुलझ सका। एसडीएम केहरी सिंह और सीओ राकेश वशिष्ठ मय फोर्स मौके पर पहुंचे, लेकिन नई प्रतिमा पुराने स्थल से हटाकर नजदीक लगाने के बारे में अधिकारियों ने साफ तौर पर कह दिया कि शासन की परमीशन के बाद ही प्रतिमा दूसरी जगह पर लग सकती है। काफी देर तक मौके पर गहमागहमी का माहौल रहा।
बता दें तिराहे पर लगी इस प्रतिमा की एक उंगली कई बार असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त की जाती रही है, जिसे लेकर कई बार विवाद भी खड़ा हुआ है। वर्तमान में टूटी उंगली के साथ प्रतिमा को एक कपड़े से ढक दिया गया है। अंबेडकर अनुयायियों द्वारा विचार किया गया कि प्रतिमा को सुरक्षित रूप में स्थापित किया जाए। इसको लेकर अंबेडकर अनुयायियों का प्रतिनिधिमंडल डीएम अविनाशकृष्ण सिंह से जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में मिल चुका है।
रविवार को कस्बे के लोगों ने आपस में बात कर नई प्रतिमा पुरानी जगह से हटाकर नजदीक लगाने की तैयारी कर ली गई। सूचना पर एसडीएम और सीओ भी वहां पहुंच गए। उन्होंने लोगों से बात करने के बाद कहा कि नई जगह पर नई प्रतिमा लगाने के लिए शासन की अनुमति आवश्यक है।
लोगों ने अधिकारियों से पुरानी जगह से हटकर प्रतिमा लगवाने का अनुरोध किया, लेकिन अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया। अब मामला शासन को अनुमति के लिए भेजा जाएगा। एसडीएम केहरी सिंह का कहना है कि शासनादेश के अनुसार ही प्रतिमा स्थापित हो सकती है। इस दौरान दोपहर में कई घंटे तक स्थल पर गहमागहमी रही। मामले को अंबेडकर अनुयायियों में रोष है।