मध्य प्रदेश में वीजा अवधि खत्म होने के बाद लापता हुए 250 पाकिस्तानी नागरिकों की तलाश सरगर्मी से चल रही है। इस घटना के बाद हाथरस की पुलिस और खुफिया तंत्र भी अपने यहां वीजा लेकर आए पाक नागरिकों को लेकर सतर्क हो गया है। पुलिस की नजर उन पांच पाकिस्तानी नागरिकों पर है, जोकि पाकिस्तान से वीजा लेकर यहां आए थे। इन पांचों नागरिकों ने पुलिस की सिरदर्दी बढ़ा दी है। पुलिस को इसलिए बार-बार उनका सत्यापन करना पड़ रहा है कि वह मौजूदा पतों पर रह रहे हैं या न हीं या फिर मध्य प्रदेश की तरह लापता तो नहीं हो गए। हालांकि पुलिस सूत्रों की मानें तो यहां आया कोई भी पाक नागरिक लापता नहीं है।
पुलिस के खुफिया विभाग के अधिकारियों को इन नागरिकों पर पूरी नजर बनाकर रखनी पड़ रही है। कुछ दिन बाद अधिकारी उन लोगों के यहां जाकर नागरिकों की मौजूदगी का सत्यापन कर रहे हैं, जहां पाकिस्तानी नागरिक मेहमान बनकर आए हैं। राहत की बात यह है कि अधिकारियों को अपने हर दौरे में यह नागरिक अपने ठिकानों पर ही मिले हैं।
एक-दो बार ऐसा हुआ है जब पाकिस्तानी नागरिक बाजार गए हुए थे लेकिन अधिकारियों के बुलाने पर 15-20 मिनट में अपने रिश्तेदार के यहां आ गए। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों के रिश्तेदारों को यह हिदायत भी दी है कि वह इन नागरिकों को थाना क्षेत्र सेे बाहर किसी कीमत पर न जाने दें, अन्यथा इसके लिए वही जिम्मेदार होंगे।
पुलिस की कोशिश वीजा अवधि खत्म होने से पहले ही इन नागरिकों को वापस पाक भेजने की है। अधिकारियों के मुताबिक जिले में केवल कोतवाली क्षेत्र, हाथरस गेट और सिकंदराराऊ में ही पाकिस्तानी नागरिक अपने रिश्तेदारों के यहां हर साल आते हैं। सालभर में इनकी संख्या 15 से 20 के बीच रहती है। इस बार मौजूदा हालात को देखते हुए पाक नागरिकों पर पूरी नजर रखी जा रही है।
मालूम हो कि सिमी आतंकियाें की गतिविधियों का पता लगाने के लिए खुफिया एजेंसियों ने हाथरस के अभिसूचना तंत्र से भी तार जोड़े हैं। संवेदनशील जिलों से सटा होने के कारण हाथरस पहले भी आंतकी गतिविधियों में लिप्त शातिरों का ठिकाना रह चुका है। आगरा, अलीगढ़, एटा, कासगंज और मथुरा जैसे जिलों से सीमा लगे होने के कारण आतंकियों के लिए हाथरस की धरती सेफ जोन मानी जाती है।
लिहाजा आतंकी संगठनों के स्लीपिंग मॉड्यूल हाथरस को सेफ जोन के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं, इसकी पूरी आशंका है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हाथरस के नजदीक होने से यह खतरा और भी बढ़ जाता है। पहले भी हाथरस से एक आतंकी का ड्राइविंग लाइसेंस जारी हो चुका है।
प्रशासन भी इन दिनों बैंकों में हो रहे लेनदेन पर नजर रख रहा है। खुफिया तंत्र ऐसी सभी गतिविधियाें की जानकारी जुटा रहा है। लंबे समय से जिले में किराए के मकान में रह रहे दूसरे राज्यों के लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इस बारे में खुफिया तंत्र से पड़ताल कराई जाएगी। फिलहाल वीजा खत्म होने के बाद किसी भी पाक नागरिक के लापता होने का कोई भी मामला हमारे जिले में नहीं हैं। हम नियमित रूप से इनके बारे में जानकारी करते रहते हैं।
-केशव चौधरी, एसपी हाथरस