प्रोपर्टी डीलर वेदप्रकाश उर्फ सोनू की हत्या में अब तक पुलिस आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जिनमें से मुठभेड़ में चार को गोली लगी है। मुख्य आरोपी कमल व गौरव अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
प्रॉपर्टी डीलर वेदप्रकाश की हत्या के मुख्य आरोपी कमल व गौरव के सरेंडर करने की आशंका के चलते 13 अप्रैल को न्यायालय परिसर छावनी में तब्दील कर दिया गया। सरेंडर से पहले गिरफ्तारी के लिए चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रहा। इस कारण दोनों भाई न्यायालय परिसर नहीं पहुंच सके। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
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6 अप्रैल की रात को दिल्ली वाला चौक के वेदप्रकाश उर्फ सोनू की हत्या कर दी गई थी। प्रकरण में अब तक पुलिस आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जिनमें से मुठभेड़ में चार को गोली लगी है। पकड़े गए इन सभी युवकों को मारपीट के लिए बुलाया गया था। मुख्य आरोपी कमल व गौरव अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
मृतक की बहन ने इन दोनों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस की छानबीन में पूरे गिरोह का हाथ निकला। पुराना आपराधिक इतिहास होने के कारण कमल व गौरव को एनकाउंटर का डर है। इसलिए इनकी ओर से न्यायालय में सरेंडर के लिए प्रार्थना पत्र डाला था। सोमवार की डेट लगी थी। प्रार्थना पत्र डलते ही शुक्रवार से पुलिस अलर्ट हो गई थी। रविवार रात से न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
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पुलिस के डर से सरेंडर नहीं कर सके कमल-गौरव
रविवार रात को एएसपी रामानंद कुशवाहा व सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने फोर्स के साथ किला परिसर का भ्रमण किया तथा प्रवेश के हर संभव स्थानों को चिह्नित किया गया। रात से ही यहां पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। सोमवार तडक़े से कई थानों का फोर्स व एसओजी टीम ने किला परिसर को घेर लिया। जगह-जगह सादा वर्दी में पुलिस कर्मी नजर आए। दो डिप्टी एसपी भी मौजूद रहे। न्यायालय उठने तक फोर्स तैनात रहा, लेकिन पुलिस के डर से दोनों भाई सरेंडर नहीं कर सके।