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Hathras Weather: ठंडी हवाओं से कांपे लोग, धूप भी नहीं दे सकी राहत, सार्वजनिक स्थलों पर नहीं जल रहे अलाव

Fri, 09 Jan 2026 11:24 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

कृषि वैज्ञानिक डाॅ. बलवीर सिंह का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। फिलहाल कोहरे का असर भी बना रहेगा।
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आगरा रोड पर कोहरे के दाैरान लाइट जलाकर जाते वाहन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मौसम के तेवर फिलहाल नरम होते नहीं दिख रहे। हाथरस में 7 जनवरी को भी पूरी रात कोहरा छाया रहा। 8 जनवरी की सुबह से ही ठंडी हवाएं कंपकंपी छुड़ाती रहीं। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद धूप तो निकली, लेकिन सर्दी के आगे इसकी तपिश असहाय नजर आई। न्यूनतम तापमान गिरकर पांच डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

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8 जनवरी को भी लोगों के दिन की शुरुआत कंपकंपी के साथ हुई। बिस्तर से निकलने के बाद लोग हीटर, ब्लोअर और अलाव के सहारे रहे। सर्दी का असर लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ा। लोगों के दिन की शुरुआत सामान्य दिनों के मुकाबले देरी से हो रही है। शहर के बाजार भी देरी से खुल रहे हैं। ग्राहकों की आवाजाही फिलहाल कम है, जिससे दुकानदारों का ज्यादातर समय खाली बैठे बीत रहा है।

8 जनवरी को सुबह से ही शहर के बाजारों, चौराहों और गली-मोहल्लों में लोग अलाव तापते नजर आए। चाय, कॉफी और गर्म नाश्ते की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली। दोपहर को धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली, लेकिन शाम ढलते ही गलत ने फिर कंपकंपी छुड़ा दी। लोग जल्दी घरों में घुस गए और बाजार भी बंद हो गए। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. बलवीर सिंह का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। फिलहाल कोहरे का असर भी बना रहेगा।

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सार्वजनिक स्थलों पर नहीं जल रहे अलाव, ठिठुर रहे राहगीर

जिले में इन दिनों कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित है। इसके बावजूद शहर के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था न होने से राहगीरों, मजदूरों, यात्रियों और असहाय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों, बाजारों और अस्पतालों के आसपास हर साल ठंड के मौसम में नगर पालिका की ओर से अलाव जलवाए जाते थे, जिससे रात के समय ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों, रिक्शा चालकों, ढकेल लगाने वालों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को राहत मिलती थी, लेकिन इस बार अब तक शहर के किसी भी प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर अलाव जलते हुए नजर नहीं आ रहे हैं।


सुबह और देर रात यात्रा करने वाले लोग ठंड से ठिठुरते दिखाई दे रहे हैं। बस स्टैंड पर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर प्रतीक्षा करने वाले यात्री सर्दी से बचने के लिए इधर-उधर दुबकते नजर आते हैं। कई जगह लोग कागज, पत्ते या लकड़ी के छोटे टुकड़े जलाकर तापते नजर आते हैं। सामाजिक संगठनों की ओर से शहर में लगातार अलाव जलवाए जाने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि सर्दी हर दिन बढ़ती जा रही है और सबसे अधिक परेशानी गरीब, मजदूर, बुजुर्ग और बेघर लोगों को हो रही है।

इसके बावजूद जिला प्रशासन और नगर पालिका की तरफ से अलाव जलवाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि शासन स्तर से इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका रोहित सिंह ने बताया कि ठेका उठ चुका है। जरूरत के हिसाब से जहां-जहां आवश्यकता है, वहां लकड़ी डलवाकर अलाव जलवाए जा रहे हैं। अगर ठेकेदार ने लकड़ी नहीं डाली है तो जांच कराई जाएगी।
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