कासगंज से मथुरा के बीच करीब 65 किलोमीटर लंबे रेलखंड के दोहरीकरण को रेलवे बोर्ड पहले ही स्वीकृति दे चुका है। यह रेलखंड धार्मिक, औद्योगिक और शैक्षिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि यह ट्रैक लालकुंआ, टनकपुर, बरेली, गोरखपुर को सीधे मथुरा से जोड़ता है।
हर रोज सात हजार यात्री होंगे प्रभावित
हाथरस सिटी स्टेशन से प्रतिदिन करीब सात हजार यात्री सफर करते हैं। यहां से पांच जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों के अलावा लगभग 12 एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है। स्टेशन बंद होने की स्थिति में इन सभी यात्रियों को मथुरा रोड पर बनने वाले न्यू हाथरस सिटी स्टेशन तक जाना पड़ेगा। इससे शहरवासियों की यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
लखनऊ मंडल के निर्माण विभाग को दी जा सकती है जिम्मेदारी
पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से सर्वे पूरा होने के बाद तैयार की गई डीपीआर को स्वीकृति का इंतजार है। इस डीपीआर के आधार पर ही दोहरीकरण तय माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार रेलवे मुख्यालय की ओर से इसकी जिम्मेदारी लखनऊ मंडल के निर्माण विभाग को दी जा सकती है।
रेल खंड के दोहरीकरण में पहले से ही हाथरस सिटी स्टेशन पर जगह की समस्या थी। इसे लेेकर यहां एलीबेटेड ट्रैक बनाए जाने का विचार था, लेकिन रेलवे ट्रैक से भारी भरकम वजन लेकर चलने वाली मालगाडिय़ां गुजरने के कारण इस प्रस्ताव पर काम नहीं किया गया। अगर ऐसा होता तो हाथरस सिटी स्टेशन को बंद करने की आवश्यकता नहीं होती।
स्टेशन हटने पर शहर की सूरत बदलने का है डर
स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस प्रस्ताव को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों का मानना है कि नया स्टेशन आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर साबित होगा, जबकि कई लोगों को चिंता है कि शहर के बीचोंबीच स्थित मौजूदा स्टेशन के बंद होने से बुजुर्गों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को परेशानी हो सकती है। वहीं सात हजार लोगों का आवागमन न होने से शहर की सूरत में प्रतिकूल बदलाव दिखाई दे सकता है।
यह भी जानें
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- हाथरस सिटी स्टेशन पर अतिरिक्त ट्रैक बिछाने के लिए पर्याप्त जगह न होने से मथुरा रोड पर न्यू हाथरस सिटी स्टेशन की स्थापना का प्रस्ताव
- मथुरा रोड पर करीब पांच रेलवे ट्रैक वाला आधुनिक न्यू हाथरस सिटी स्टेशन विकसित किए जाने की तैयार की गई डीपीआर
- कासगंज से मथुरा के बीच लगभग 65 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण को रेलवे बोर्ड पहले ही दे चुका है सैद्धांतिक स्वीकृति
- दोहरीकरण के बाद मौजूदा हाथरस सिटी स्टेशन का संचालन बंद होने की संभावना, यात्रियों को न्यू हाथरस सिटी स्टेशन से पकडऩी होंगी ट्रेनें
- प्रतिदिन करीब सात हजार यात्री करते हैं वर्तमान हाथरस सिटी स्टेशन से सफर, पांच जोड़ी पैसेंजर सहित करीब 12 एक्सप्रेस ट्रेनों का होता है संचालन