संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
नगर के मोहल्ला बगिया बारहसैनी स्थित राधा कृष्ण मंदिर में रविवार को वार्ष्णेय कुल प्रवर्तक श्री अक्रूर जी महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई। अक्रूर पार्क में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर बुजुर्गों को पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। बता दें कि कोरोना की वजह से प्रशासन के आग्रह पर नगर शोभायात्रा को इस बार स्थगित कर दिया गया था।
रविवार की सुबह से ही मंदिर पर लोगों का आना शुरू हो गया। समाज के वृद्धों ने अक्रूर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उसके पश्चात विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में विपिनि वार्ष्णेय ने कहा कि अक्रूर जी भगवान श्रीकृष्ण के परिवार के थे तथा उन्हें अत्यंत प्रिय थे।
अनिल वार्ष्णेय ने कहा कि हमारा समाज आज उच्चा शिक्षा पर बल दे रहा है अच्छी बात है लेकिन अभी शिक्षा को लेकर और ज्यादा सुधार की आवश्यकता है। मास्टर चंद्रेश वार्ष्णेय ने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को त्याग कर राजनीति में अपनी पहचान बनानी होगी।
इस अवसर पर रामकुमार, डॉ. सच्चिदानंद, प्रभात वार्ष्णेय, सुशील वार्ष्णेय, छैल बिहारी, बृजकिशोर सर्राफ, डोरी लाल, सुभाष चंद्र बसई वाले, सुभाषचंद्र कासगंज वाले, उत्तम कुमार न्यूज पेपर एजेंट, कुंवर बहादुर, राजेंद्र सहाय, गिरीशंद पटेल, डॉ. स्वामी शरण गुप्ता, सतीश चंद्र वार्ष्णेय, किशन गोपाल चक्की वाले, जितेंद्र वैद्य जी, लखमी चंद्र, मां चंद्रेश वार्ष्णेय, कुंवर जगदीश प्रसाद को सम्मानित किया गया।
मौकेे पर विष्णु वार्ष्णेय, वैभव वार्ष्णेय, विकास वार्ष्णेय, चेतन स्वरूप, बनवारी लाल गुप्ता, गिरीश मोहन गुप्ता, डॉ महेंद्र, प्रवीण वार्ष्णेय, सोहन मामा, रतन लाल चमचा, रवि वार्ष्णेय, देवेंद्र मैनेजर, शिवकुमार वार्ष्णेय आदि थे। कार्यक्रम में आयोजन अध्यक्ष अजय वार्ष्णेय मनीष वार्ष्णेय, शिरोमणि वार्ष्णेय का योगदान रहा। अध्यक्षता डॉ. सच्चिदानंद व संचालन दाऊदयाल वार्ष्णेय ने किया।