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Hathras News: दो से तीन हजार रुपये के लालच में बैंक खाता देकर फंस रहे लोग

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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : Archive
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बीते दो महीने में जिले में म्यूल खातों (ठगी के लिए प्रयोग होने वाले बैंक खाते) के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें करोड़ों रुपये ठिकाने लगाए गए हैं। पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि ठगों के गिरोह हर महीने दो से तीन हजार रुपये किराये का लालच देकर गरीबों के इन खातों को संचालित कर ठगी की रकम मंगवा रहे हैं।
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जानकारी के अभाव व छोटे लालच में फंस कर लोग ऐसी ही साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर सेल अब बैंकों की शाखाओं के माध्यम से ऐसे खातों की तलाश कर रही है। निष्क्रिय पड़े रहने वाले खातों में अचानक होने वाले लेन-देन पर नजर रखी जा रही है। पहले से दर्ज ठगी के मुकदमों में प्रकाश में आए बैंकों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है।


हसायन के गांव छीतीपुर निवासी सत्यवीर सिंह भी इसी तरह के लालच में फंसे। उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनके खाते में 80.88 लाख रुपये आए हैं। उनके एक परिचित ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाता खुलवाया था, जिसे पोरा के दीपू व प्रदीप चला रहे थे। इन्हीं लोगों ने रुपये निकाले थे।
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24 जुलाई को साइबर सेल ने चमरुआ मुरसान के माधव शर्मा व उसके तीन साथियों को ऑनलाइन गेमिंग ऐप व एपीके फाइल के जरिये साइबर ठगी करने के मामले में गिरफ्तार किया। माधव शर्मा ने केवल बैंक खाते के लिए अपने तीनों साथियों को जोड़ा था। कन्हैया ने पुलिस पूछताछ में बताया कि केवल खाते में रुपये आने पर उसे कमीशन मिल रहा था। वह बेटी की शादी के लिए पैसे जोड़ रहा था।
ये चुनिंदा म्यूल खाते हैं, जो पुलिस की नजर में आए हैं। जिले में ऐसे तमाम लोग हैं, जो छोटे लालच में अपने बैंक खाते दूसरों के हाथों में दे रहे हैं। खाता देने वालों को इसके प्रयोग की सही जानकारी भी नहीं है। अब बैंक शाखाओं की मदद से ऐसे खातों की तलाश की जा रही है। बैंकों से इसकी जांच की शुरुआत की जा रही है।

दो हजार के लालच में दे दिए बैंक खाते
हाल ही में कोतवाली सदर में गरीबों के बैंक खातों का गलत इस्तेमाल करने का मामला सामने आया था। गुलाब बाग के निकट रहने वाले युवक ने अपनी पत्नी की मदद से ओढ़पुर मोहल्ले की महिलाओं को समूह लोन के जाल में फंसाया। इसके बाद उनके बैंक खातों पर लोन कराकर लाखों रुपये की हेरा-फेरी की। हर महीने दो से तीन हजार का किराया मिलने के लालच में महिलाओं ने ये खाते दे दिए थे। जब लोन चुकाने का दबाव बना तो ठगी की जानकारी हुई। प्रकरण में महिलाओं ने एसपी से शिकायत की थी।
साइबर सेल ने जारी की सलाह
पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने इस ठगी से बचने के लिए सलाह जारी की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के बचत या चालू खातों को कोई और प्रयोग कर रहा है तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बच सकें।
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