मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव और भीषण गर्मी के चलते इन दिनों मौसमी बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। शहर से लेकर देहात तक लोग बुखार, बदन दर्द, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं। हालात ये हैं कि जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भरमार देखने को मिल रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं भी हांफती नजर आ रही हैं।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ रही। सुबह से ही पर्चा काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कमरों के बाहर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। ओपीडी में दोपहर डेढ़ बजे तक 1900 से अधिक नए मरीजों के पर्चे बने। सबसे ज्यादा बुरा हाल फिजिशियन कक्ष संख्या 12 के बाहर था, जहां बदन दर्द और कमजोरी से जूझते मरीज अपनी बारी के लिए घंटों लाइनों में खड़े रहने को मजबूर दिखे।
ओपीडी में 400 से अधिक लोग सिर्फ तेज बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे थे। फिजीशियन डा. अवधेश कुमार ने बताया कि अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं। अचानक बढ़े मरीजों के ग्राफ के कारण दवा काउंटर और पैथोलॉजी लैब पर भी जांच कराने वालों की भारी भीड़ जमा रही।
चिकित्सकों की सलाह
भरपूर पानी पीएं : शरीर में पानी की कमी न होने दें, ओआरएस या नींबू-पानी का सेवन करें।
धूप से परहेज : दोपहर के समय बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें और सिर व कान को कपड़े से ढककर रखें।
खान-पान : गर्मी व उमस को देखते हुए बाहर के भोजन से परहेज रखें।
खुद न बनें डॉक्टर : बुखार या बदन दर्द होने पर मेडिकल स्टोर से सीधे दवा लेने के बजाय अस्पताल आकर डॉक्टरों की सलाह पर ही दवा लें।