शहर के अलीगढ़ रोड स्थित एक निजी कंपनी के कोचिंग सेंटर द्वारा अचानक कक्षाएं बंद करने की घोषणा किए जाने पर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को बड़ी संख्या में अभिभावक फीस वापसी के लिए सेंटर पर एकत्रित हो गए और जमकर हंगामा किया।
कोचिंग संचालकों ने स्पष्टीकरण दिया कि फ्रेंचाइजर कंपनी आर्थिक कारणों से हाथरस शाखा को बंद कर रही है। साथ ही अभ्यर्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए मथुरा और अलीगढ़ स्थित शाखाओं में बिना अतिरिक्त शुल्क के पढ़ाई जारी रखने का ऑफर भी दिया गया है। अभिभावकों ने यह कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया कि दूसरे जिलों में जाकर पढ़ाई करना उनके बच्चों के लिए असुविधाजनक और खर्चीला होगा।
अभिभावकों की एक ही मांग रही कि पूरी फीस वापस की जाए। बताया गया कि यह फ्रेंचाइजी लगभग एक साल पहले शुरू हुई थी, जिसमें एसएससी, बैंकिंग, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती थी। विद्यार्थियों ने करीब 10 हजार रुपये शुल्क देकर छह माह की कक्षाओं के साथ 10 वर्ष तक निशुल्क सदस्यता के वादे पर प्रवेश लिया था, परंतु 10 माह से तीन माह की कक्षाओं के बाद ही सेंटर की गतिविधियां धीमी पड़ने लगीं।
अचानक बंदी की घोषणा के बाद छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि कंपनी ने विश्वासघात किया है और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे सामूहिक रूप से प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। हंगामे के बीच मौके पर कोतवाली हाथरस गेट पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने समझा-बुझाकर अभिभावकों को शांत कराया।
मैंने करीब तीन माह पहले अपने बच्चे का प्रवेश यहां बैंकिंग की तैयारी के लिए कराया था, लेकिन अब संचालक कह रहे हैं कि मथुरा में पढ़ाई कराई जाएगी। पूरी फीस भी वापिस नहीं कर रहे। यह गलत तरीका है, इन्हें अगर सेंटर बंद करना है तो हमें फीस वापस करें।
-मनोज वर्मा, अभिभावक।
बेटी करीब छह माह से यहां तैयारी के लिए कक्षाएं ले रही है। हाल ही में एक माह पहले इन्होंने बेटी से शेष बचे पांच हजार रुपये ले लिए। अब अगर सेंटर बंद करना था तो फिर फीस की वसूली क्यों की। हम अपने बच्चे को मथुरा या अलीगढ़ नहीं भेज सकते।
-संजय सेकसरिया, अभिभावक।
हम लोग सामान्य अध्यापक हैं। कंपनी की फ्रेंचाइजी लेकर सेंटर चला रहे थे, लेकिन इसमें लगातार नुकसान हो रहा है। आज हम अभिभावकों से बात करने आए थे, लेकिन इन्होंने हंगामा कर दिया। हम नियमानुसार किश्तों में फीस वापस करने के लिए तैयार हैं। हम बच्चों को मथुरा आने के लिए एमएसटी बनवाकर देने के लिए तैयार हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि अभिभावक हमारी बात समझें।
-पीयूष कुमार, कंपनी के फ्रेंचाइजर