यूजीसी के विरोध में 07 फरवरी से कंचन नगर में घर के बाहर धरने पर बैठे पंकज धवरैया छह मार्च की रात पुलिस को चकमा देकर दिल्ली पहुंच गए। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को यूजीसी रोलबैक के लिए सवर्ण आंदोलन होना है, जिसके लिए शनिवार को दिल्ली में स्वामी आनंदस्वरूप के आवास पर सवर्ण नेताओं ने रणनीति बनाईगई। इधरए पंकज के लापता होने पर हाथरस में पुलिस के हाथ-पांव फूले रहे। रातभर पंकज की तलाश होती रही। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली गई।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया ने सात फरवरी को पैदल सद्भावना यात्रा निकालने और 12 फरवरी को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने की घोषणा की थी। इसके बाद ही पुलिस ने शहर को छावनी में तब्दील कर इस यात्रा को रोक दिया था। विरोध में पंकज धरने पर बैठ गए थे।
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सहित अन्य सवर्ण नेता भी आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे थे। इधर ऑडियो वायरल होने पर पंकज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। दो दिन पहले हरिआई अस्पताल में कब्जे व प्रधानमंत्री का पिंड दान करने पर दो मुकदमे दर्ज किए गए। लगातार एफआइआर पर कोतवाली सदर में हिस्ट्रीशीट खोली गई। शुक्रवार को प्रशासन ने पंकज से हरिआई अस्पताल की भूमि कब्जा मुक्त कराईथी। इसी रात को पंकज ने अपना धरना समाप्त कर दिया और पुलिस की नजर बचते ही लापता हो गया।
रात शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंदस्वरूप के निर्देशन में आचार्य राजयोगी आनंद गिरी और विश्व हिन्दू महासंघ भारत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश्वर दास महाराज कंचन नगर स्थित पंकज के आवास पर पहुंचे तथा जूस पिलाकर धरना खत्म कराया।
इसके बाद दोनों साधू पंकज को अपने साथ ले गए और पुलिस को पता तक नहीं चला। रातभर पुलिस पंकज की तलाश में रही। जब सर्विलांस व इंटेलीजेंस की मदद ली गई तो मोबाइल की लोकेशन दिल्ली में आई, फिर भी पुलिस ने दिनभर सीसीटीवी फुटेज खंगालती रही। परिजनों से भी पूछताछ की गई। रात से ही कंचन नगर में पंकज के घर के बाहर पुलिस तैनात रही।
जारी किए वीडियो संदेश, दिल्ली पुलिस ने किया नजरबंद
शनिवार दोपहर तक पंकज की कोई खबर नहीं थी। आशंका तो थी कि वे हापुड़ से दिल्ली के लिए निकलने वाली पैदल यात्रा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन दोपहर को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो से पता लगा कि वे दिल्ली में स्वामी आनंद स्वरूप के आवास पर हैं। उनके साथ क्षत्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत, राष्ट्रीय संरक्षक महेंद्र सिंह सिकरवार व संगीता सिंह जैसे नेता भी हैं, जो रामलीला मैदान, दिल्ली में रविवार को प्रस्तावित आंदोलन में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। जानकारी के अनुसार आंदोलन रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने इन सभी को नजरबंद कर रखा है।
हाथरस में नजरबंद किए थे सवर्ण नेता
दिल्ली में आठ मार्च के प्रस्तावित सवर्ण आंदोलन के चलते हाथरस पुलिस चौकन्नी थी। नगला मोठा में राष्ट्रवादी प्रताप सेना के प्रदेश अध्यक्ष नितिन सिंह शेखावत, योगेंद्र शर्मा उर्फ योगा पंडित, राजू कौशिक, सहित लगभग नौ सवर्ण नेताओं को नजरबंद किया था। शनिवार को भी इनके घर पर पुलिस बल तैनात रहा। पंकज धवरैया की सबसे अधिक संभावना था, लेकिन पुलिस पंकज को दिल्ली जाने से नहीं रोक सकी। इसे पुलिस की लापरवाही सहित इंटेलिजेंस फेलियर भी बताया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज देखी गई थीं, जिससे पता चला कि पंकज पीछे के रास्ते से पड़ोसी के घर से निकल गया था। पंकज व अन्य नेताओं को दिल्ली में नजरबंद किया गया है। आदेशों के क्रम में दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन के चलते यहां भी सवर्ण नेताओं को नजरबंद रखा गया है।
चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी