बीएसए के नोटिस से फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों में खलबली
एसआईटी की जांच के घेरे में हैं 2005 में बीएड करने वाले शिक्षक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2005 में बीएड की पढ़ाई कर शिक्षक बनने वालों पर विभाग की तिरछी नजर है। विभागीय सख्ती से फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों में खलबली मची हुई है। बीएसए ने 78 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह शिक्षक एसआईटी की जांच के घेरे में भी हैं।
माना जा रहा है कि 2005 में विश्वविद्यालय से बीएड की फर्जी, टेंपर्ड और संदिग्ध डिग्री जारी हुईं हैं। ऐसे शिक्षक शिक्षिकाओं की सूची एसआईटी ने बीएसए को पिछले दिनों उपलब्ध कराई थी, जिसमें 78 शिक्षक-शिक्षिकाएं ऐसे हैं, जिनकी डिग्री फर्जी, टेंपर्ड और संदिग्ध हैं। इन शिक्षकों को बीएसए द्वारा नोटिस जारी किया है। इसे लेकर शिक्षकों में खलबली मच गई है।
तमाम शिक्षक शिक्षिका विभागीय बाबुओं के पास पहुंचकर इस मुसीबत से बाहर आने के उपाय पूछ रहे हैं। यहां पर कुछ शिक्षक तो सौदेबाजी भी कर रहे हैं, लेकिन विभागीय कर्मचारी इस मामले में किसी से भी कोई बात नहीं कर रहे। बीएसए हरीशचंद्र ने बताया कि एसआईटी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में शामिल शिक्षक शिक्षिकाओं को नोटिस जारी कर कारण पूछा गया है।