हाथरस। पंचायतराज विभाग की स्वायत्ता को लेकर ग्राम्य विकास और पंचायतराज विभाग में ठन गई है। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस निर्णय के विरोध में सामूहिक अवकाश पर रहे, जबकि पंचायतराज विभाग के अफसर और कर्मियों ने शासकीय कार्यों के अंतिरिक्त दो घंटे काम किया। पंचायतराज के अफसर और कर्मी 21 जुलाई तक इसी तरह रोजाना दो घंटे अतिरिक्त काम करेंगे। दोनों विभागों की इस लड़ाई का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर पड़ रहा है। योजनाओं का काम ठप होकर रह गया है। यदि मसला नहीं सुलझा तो इनके यह मतभेद आगे भी योजनाओं के क्रियान्वयन में रोड़ा बन सकते हैं।
ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी और कर्मचारी 18 जुलाई तक पंचायतराज विभाग की मांग के विरोध में सामूहिक अवकाश पर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने सामूहिक अवकाश पर रहकर विरोध प्रदर्शित किया। इन अधिकारी व कर्मियों ने ऐलान किया कि समानांतर व्यवस्था को हर्गिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अध्यक्षता पीडी डीआरडीए चंद्रशेखर शुक्ला ने की। इस मौके पर डीडीओ मंजू श्रीवास्तव, महामंत्री संत कुमार, उपाध्यक्ष इंद्रमोहन गौड़, जितेंद्र वर्मा, रवेंद्र यादव, टीकाराम पाल आदि अनेक कर्मचारी मौजूद थे।
इधर, पंचायतराज सेवा परिषद के बैनर तले विभागीय अधिकारी और कर्मियों ने दो घंटे अतिरिक्त काम शुरू करके विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की। सभी अधिकारी और कर्मियों से अगले दो दिन तक अतिरिक्त काम करके आंदोलन में सहयोग देने की अपील की।
इस मौके पर रमेश कुमार शर्मा, दिनेश कुमार सिंघल, जगदीश प्रसाद राना, केके गौतम, विश्वामित्र, अंबरीष्ज्ञ अग्रवाल, मनोज कुमार लेखाकार, नेम सिंह, निहारिका सिंह, रीता देवी, मुकेश पचौरी, गजेंद्र सिंह, फौरन सिंह, ईश्वरचंद्र यादव, फूल सिंह, वीरेंद्र कुमार, अमित चंद्रा, मनीष वर्मा, बद्रीलाल चौहान, गिर्राज किशोर, वारिस अंसारी, रक्षपाल सिंह, सूरजपाल हंसमुख आदि थे।