बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती होने वाले मरीजों को ऑक्सीजन के लिए सिलिंडर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने अस्पताल के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण के लिए एक करोड़ छह लाख 20 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस बजट से अस्पताल के हर बेड तक सेंट्रल ऑक्सीजन, एयर और सक्शन पाइपलाइन सिस्टम स्थापित किया जाएगा।
अस्पताल में पिछले लगभग 18 वर्षों से मरीज ऑक्सीजन सिलिंडर के भरोसे थे। मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड ले जाने या आपात स्थिति में ऑक्सीजन सिलिंडर ढोने और बदलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार सिलिंडर की किल्लत या समय पर रिफिल न होने से मरीजों की जान पर बन आती थी। नए सेंट्रल पाइपलाइन सिस्टम के चालू होने से अब हर बेड पर स्विच बोर्ड की तरह डायरेक्ट ऑक्सीजन, सक्शन और एयर सप्लाई मिलेगी।
कोरोना काल के दौरान अक्तूबर 2021 में टीबी अस्पताल के निकट 80 लाख रुपये की लागत से 996 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था। टीबी अस्पताल को कोरोना एल-2 वार्ड बनाया गया था, जिससे यहां तो ऑक्सीजन की लाइन बिछाई गई, लेकिन दूरी के कारण जिला अस्पताल के वार्डों तक लाइन नहीं बिछायी गई।
तीन साल पहले अस्पताल प्रबंधन ने जिला अस्पताल तक पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन भेजा था, जिसे अब आकर मंजूरी मिली है। 17 जुलाई को संयुक्त सचिव चंद्रशेखर मिश्र द्वारा महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को जारी पत्र में 30-30 सेट आधुनिक प्रणालियों के क्रय की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने की जानकारी दी गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.सूर्यप्रकाश का कहना है कि ऑक्सीजन पाइप लाइन का प्रस्ताव मंजूर होने की जानकारी मिल गई है। आदेश आते ही काम शुरू कराया जाएगा।