बागला अस्पताल में बना ऑक्सीजन प्लांट
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चार साल में स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन प्लांट से हाथरस जिला अस्पताल की इमरजेंसी तक करीब 100 मीटर की पाइप लाइन तक नहीं बिछा सका है। इस कारण इस वार्ड में पाइप के जरिये ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। यहां भर्ती होने वाले मरीजों को सिलिंडरों से ऑक्सीजन की आपूर्ति करनी पड़ रही है।
इन सिलिंडरों को रिफिल कराने में हर माह करीब 50 हजार रुपये का खर्च होता है।
कोरोना काल में ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई थी। उस समय ऑक्सीजन के मारामारी हुई थी। इसको ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल परिसर में वर्ष 2021 में ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया था। स्वास्थ्य विभाग इस प्लांट से इमरजेंसी तक लाइन बिछाकर यहां भर्ती होने वाले मरीजों को बेड पर ही ऑक्सीजन की आपूर्ति करने की बात कहता है।
प्लांट बने हुए करीब चार साल हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक प्लांट से लेकर इमरजेंसी तक लाइन नहीं बिछाई जा सकी है। इस कारण इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों को सिलिंडर से ऑक्सीजन देनी पड़ती है। अनुमानित तौर पर इमरजेंसी वार्ड में प्रतिमाह करीब 100 सिलिंडर ऑक्सीजन की खपत हो जाती है। एक सिलिंडर की रिफिलिंग कराने में 504 रुपये का खर्चा आता है। इस हिसाब से इन सिलिंडरों को रिफिल कराने में हर माह करीब 50400 रुपये खर्च हो जाते हैं। अगर प्लांट से इमरजेंसी तक लाइन बिछ जाए तो स्वास्थ्य विभाग का यह खर्चा बच जाएगा।
लाइन बिछाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही लाइन बिछाने का काम शुरू करा दिया जाएगा।- डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल हाथरस।