योगी सरकार द्वारा शहर व ग्रामीण विद्युत बकाएदारों के लिए लागू की गई एमनेस्टी (ओटीएस) योजना का जिले में हाल बेहाल है। योजना के तहत बकाएदार फुल सरचार्ज माफ होने के बाद भी ओटीएस के तहत विद्युत दफ्तरों में पंजीकरण कराने नहीं पहुंच रहे। जबकि जिले में उपभोक्ताओं पर विभाग का करोड़ों का बकाया पड़ा है।
इसे लेकर चीफ इंजीनियर ने नाराजगी जाहिर की है। चीफ इंजीनियर ने हाथरस के चारों एक्सईएन को पत्र जारी कर काम में सुधार लाने के निर्देश जारी किए हैं और ऐसा न करने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
हाथरस जिले में विद्युत विभाग की एमनेस्टी (ओटीएस) योजना 15 अप्रैल से लागू हुई थी। शहर के उपभोक्ताओं के लिए यह योजना 30 मई तक, ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 15 जून तक और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 15 मई तक के लिए लागू की गई है, लेकिन हाथरस के चारों विद्युत वितरण खंडों में ओटीएस की स्थित वाकई बुरी है।
जिलेभर के चारोें विद्युत वितरण खंडों को ओटीएस के तहत करीब 35 हजार बकाएदार उपभोक्ताओं का पंजीकरण किए जाने का लक्ष्य दिया गया है। सूत्रों की मानें तो इस लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक जिलेभर में कुल लगभग 3500 पंजीकरण ही हो सके हैं। हाथरस शहर में 10, 235 पंजीकरण करने का लक्ष्य प्रदान किया गया था, लेकिन इस लक्ष्य के सापेक्ष गुरूवार तक कुल 864 पंजीकरण ही हो सके हैं। सादाबाद विद्युत वितरण खंड में 10 हजार ओटीएस पंजीकरण का लक्ष्य है, जबकि यहां अभी तक एक हजार उपभोक्ताओं का पंजीकरण हो सका है।
इस खराब स्थिति को लेकर चीफ इंजीनियर बीएस गंगवार ने कड़ी आपत्ति जताई है। हाथरस के चारों एक्सईएन को चेतावनी पत्र जारी भी किया गया है। पत्र में साफ कहा गया है कि ओटीएस योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लक्ष्य के अनुरूप अभी तक की पंजीकरण स्थिति काफी खराब है। इसे न सुधारने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।