स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का निर्माण कराया गया है, जिसमें वर्मी कंपोस्ट खाद भी तैयार किया जाता है।
हाथरस में बनी जैविक खाद वर्मी कंपोस्ट अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी मिलेगी। जिला पंचायतराज अधिकारी सुबोध जोशी ने ग्राम पंचायत बरवाना में निर्मित वर्मी कंपोस्ट की बिक्री का शुभारंभ किया। ऑनलाइन जैविक खाद बेचने वाली बरवाना जिले की पहली ग्राम पंचायत है।
विज्ञापन
जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का निर्माण कराया गया है, जिसमें वर्मी कंपोस्ट खाद भी तैयार किया जाता है। जिले में ग्राम पंचायत बरवाना में तैयार की गई खाद को पहले प्रयोगशाला में भेजकर जांच कराई गई। इसमें मानक के अनुसार तत्व मिले।
बरवाना जिले की दूरस्थ ग्राम पंचायत है, जहां पास में कोई बाजार न होने से यहां बन रही वर्मी कंपोस्ट खाद बहुत कम लोगों तक पहुंच पा रही थी। डीपीआरओ सुबोध जोशी ने भ्रमण के दौरान आरआरसी में निर्मित खाद को देखा गया। प्रधान ने बताया था कि खाद की उत्पादन के अनुसार बिक्री नही हो पा रही है। तभी डीपीआरओ ने प्रयास कर और ग्राम पंचायत के आवश्यक अभिलेख जमा कराकर उसका अमेजन से संपर्क कराया। खाद को ऑनलाइन बेचने के लिए अमेजन पर इस उत्पाद को सूचीबद्ध कराया गया। डीपीआरओ ने अन्य ग्राम पंचायतों से भी वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार कर इसकी बिक्री करने की अपील की है।