संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
अलीगढ़ जिले के खैर थाना क्षेत्र के गांव बिलखौरा स्थित ईंट-भट्ठे पर काम करने वाला महोबा जिले का निवासी प्रवासी मजदूर परिवार एटा रोड पर गांव जिमिसपुर के निकट शुक्रवार की रात्रि हादसे का शिकार हो गया। परिवार के सात सदस्य सिकंदराराऊ से किराये पर ऑटो रिक्शा लेकर एटा जा रहे थे। रास्ते में टेंपो पलट गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बाकी सदस्य घायल हो गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए हाथरस भिजवाया है।
बता दें कि बिलखौरा स्थित ईंट-भट्ठे पर महोबा जिले के गांव चरखारी निवासी बबलू (40 वर्ष) का परिवार रहता है। कोरोना संक्रमण के कारण बबूल परिवार के सात सदस्यों सहित अपने गांव लौट रहा था। बताते हैं कि गांव में उसकी बहन की शादी भी थी।
बिलखौरा से परिवार के सभी सदस्य किसी वाहन से शुक्रवार की रात को सिकंदराराऊ आ गए। इनको एटा से आगे के लिए वाहन मिलने की उम्मीद थी। लिहाजा उन्होंने सिकंदराराऊ से एटा जाने के लिए एक ऑटो रिक्शा किराये पर लिया था।
रात में ये लोग एटा के लिए चले ही थे कि सिकंदराराऊ से सात किमी आगे गांव जिमिसपुर पर ऑटो रिक्शा किसी तरह पलट गया। इससे बबलू 40 वर्ष की मौके पर मौत हो गई और अन्य लोग घायल हो गए। शनिवार की सुबह कोतवाली पुलिस ने बबलू के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई ने कोतवाली में दर्ज करा दी है।
कैसे महोबा पहुंचेगा शव
मृतक की पत्नी सुदामा का सीएचसी में रो-रोकर बुरा हाल था। वह कह रही थी उसके पैसे नहीं है। ऐसे में वह शव को घर लेकर कैसे जाएंगे। सिकंदराराऊ से महोबा की दूरी 700 सौ किमी से ज्यादा है। एंबुलेंस का भाड़ा 15 हजार रुपये होता है। उसके साथ तीन मासूम बच्चे भी हैं।
दुर्घटना में पति की मौत के बाद सीएचसी पर रोती पत्नी सुदामा।- फोटो : SIKANDHRA RAHU