नियम विरुद्ध तरीके से उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन काटने पर बिजली विभाग पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने यह निर्णय दिया है। शहर के रवि कुंज के रहने वाले अरुण कुमार शर्मा ने इस संबंध में आयोग में अपील की थी।
उनका कहना है कि मार्च-2025 तक उनका बिल जमा है। बिजली विभाग ने वर्ष 2020 में एक चेकिंग रिपोर्ट भरकर भेजी, जिसमें चोरी का आरोप लगाया था। जवाब प्रक्रिया के दौरान उन्हें चेक मीटर लगाने की सलाह दी गई, इस पर उन्होंने विभाग में पैसा भी जमा कर दिया था। एसडीओ को विधिक नोटिस भी दिया था, मगर मीटर नहीं बदला गया।
टीम एक दिन सीढ़ी लगाकर छत पर आ गई। छत पर आहट होने पर उन्होंने आवाज दी तो कर्मचारी उतरकर भाग गए, तब तक ये लोग कनेक्शन काट चुके थे। अब आयोग ने आदेश दिया है कि उपभोक्ता द्वारा दिसंबर-2022 के बिल में जमा धनराशि को अग्रिम बिलों में समायोजित करें। संयोजन पर चेक मीटर स्थापित करे। परिवादी की सामाजिक पृष्ठभूमि को देखते हुए कष्ट एवं संताप के लिए परिवादी को एक लाख की क्षतिपूर्ति एवं परिवाद व्यय पांच हजार रुपये दिए जाएं। आयोग ने विभाग को दो माह का समय दिया है।