हाथरस विधानसभा सीट से टिकट के लिए भाजपा नेताओं के बीच पैदा हुई रार अब सड़क पर आ गई है। हाथरस विधानसभा सीट से प्रत्याशी हरीशंकर माहौर अपनी ही पार्टी के जिला महामंत्री चंद्रशेखर रावल पर एक करोड़ रुपये की मानहानि का दावा ठोंकने जा रहे हैं। रावल की पत्नी भी पार्टी से टिकट मांग रही थीं।
हरीशंकर माहौर की ओर से उनके अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह राना ने रावल को दिए लीगल नोटिस में माहौर की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। नोटिस में कहा गया है कि रावल की पत्नी भी हाथरस सीट पर भाजपा से टिकट के दावेदारों में थीं।
पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं देेकर माहौर को टिकट दे दिया। इससे रावल बौखला गए और उन्होंने पार्टी में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अखबारों में इस्तीफे के संदर्भ में छपी खबरों में रावल ने अपने बयानों में माहौर के बारे में कई अनर्गल बातें कहीं जो नितांत झूठी और भ्रामक थीं।
जैसे माहौर पर राज्यसभा के लिए हुए चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने, पार्टी का झंडा जलाने जैसे आरोप लगाए गए। इससे माहौर की छवि को काफी नुकसान पहुंचा। वहीं पार्टी के लोगों के बीच में भी उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
यही नहीं चुनाव के समय लगाए गए इन आरोपों से माहौर को वोटों का भी नुकसान झेलना पड़ा। एडवोकेट वीरेंद्र सिंह राना ने कहा है कि रावल के झूठे आरोपों से माहौर की जीत का अंतर प्रभावित हो सकता है। रावल को नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
मेरी पत्नी सामान्य जाति की हैं। वो हाथरस सुरक्षित सीट से टिकट के लिए दावेदार कैसे हो सकती हैं। मेरे परिवार में विघटन की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जोकि मेरे लिए चिंताजनक है और मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली है। सर्वविदित जो तथ्य होते हैं, उनको प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। भाजपा का हर कार्यकर्ता जानता है कि इन्होंने क्या किया था। हम कानूनी तरीके से इस नोटिस का जवाब देंगे।
- डॉ. चंद्रशेखर रावल, जिला महामंत्री भाजपा
जिस समय मैं पार्टी का विधायक था, उस समय रावल का पार्टी में दूर-दूर तक जन्म भी नहीं था। वो इस तरह के तथ्यहीन आरोप कैसे लगा सकते हैं और वो भी चुनाव जैसे संवेदनशील मौके पर उन्होंने ऐसा करके मेरी छवि को धूमिल करने, मुझे बदनाम करने और मुझे चुनाव हराने की कोशिश की है। वो अपने आरोपों को कोर्ट में साक्ष्य सहित साबित करें, वरना कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। रावल के आरोप एकदम निराधार थे, यह बात साबित हो जाएगी।
हरीशंकर माहौर, पूर्व विधायक व प्रत्याशी भाजपा हाथरस