किसानों की समस्या को देखते हुए बाजरा खरीद के अंतिम दिन डीएम अतुल वत्स मंडी समिति स्थित क्रय केंद्रों पर पहुंचे। क्रय केंद्र के गोदाम में पुराना बाजरा रखा मिलने पर डीएम बिफर गए और उपस्थित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने मंडी सभापति एसडीएम सदर व एएमओ का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही दो विपणन निरीक्षकों के निलंबन की संस्तुति की है।
जिले में सात क्रय केंद्र व 10600 मीट्रिक टन का लक्ष्य होने के बावजूद सैकड़ों किसान क्रय केंद्रों पर हो रही मनमानी के कारण बाजरा नहीं बेच पाए थे। संवाद न्यूज एजेंसी लगातार किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठा रहा था। 31 दिसंबर के अंक में भी खबर प्रकाशित की गई। किसानों की समस्या देखते हुए डीएम अतुल वत्स बुधवार की दोपहर क्रय केंद्र पर पहुंच गए थे।
यहां एसडीएम सदर का कोई प्रतिनिधि नहीं मिला। डीएम के निर्देश के बाद भी प्रशासन की ओर से मॉनिटरिंग के लिए रोस्टर लगाकर किसी की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। विपणन निरीक्षक यहां खरीद कर रहे थे। उन्होंने खरीद रजिस्टर देखा तो वह हैरान रह गए। यहां टोकन की व्यवस्था नहीं थी। एक साधारण रजिस्टर पर सीरियल नंबर डालकर किसानों के नाम लिखे जा रहे थे।
यही नहीं क्रमबद्ध सीरियल नंबर नहीं मिले। दूसरे पेज से पुन: सीरियल नंबर डालकर नाम दर्ज किए जा रहे थे। गोदाम में लगभग 1500 कट्टे रखे थे। डीएम ने दो कट्टों से खुद बाजरा निकालकर देखा तो वह पुराना निकला। बिचौलियों से बाजरा खरीद की आशंका पर उन्होंने ओसी कलेक्ट्रेट धर्मेंद्र को किसानों के पंजीकरण, खतौनी बही व खातों की जांच कराई।
प्रारंभिक जांच में चार से पांच किसानों के पंजीकरण व खतौनी बही में अंतर पाया गया। इस पर विस्तृत जांच के निर्देश ओसी कलेक्ट्रेट को दिए हैं। इस विस्तृत जांच में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। किसान बार-बार यही शिकायत कर रहे थे कि उनकी बजाय बिचौलियों का रखा हुआ बाजरा खरीदा जा रहा है। डीएम अतुल वत्स ने बताया कि लापरवाही पर एसडीएम व एएमओ को कारण बताओ नोटिस गया है, जबकि दो विपणन निरीक्षकों के निलंबन की संस्तुति की गई है। दस्तावेजों का भी परीक्षण कराया जा रहा है।
बाजरा क्रय केंद्र का एसडीएम ने किया निरीक्षण
उपजिलाधिकारी मनीष चौधरी ने बुधवार को आगरा रोड स्थित मंडी समिति में संचालित बाजरा क्रय केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने किसानों की सुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्रय केंद्र पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरे हर समय सक्रिय रहें। कांटे (तौल मशीन) को भी सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाए, ताकि तौल की पूरी प्रक्रिया कैमरे की नजर में हो और किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। उन्होंने टोकन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि उसी के अनुसार बाजरे की खरीद सुनिश्चित की जाए। एसडीएम ने यह भी कहा कि क्रय केंद्र से कोई भी पात्र किसान निराश होकर न लौटे, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।