शीतलहर से बचने के लिए लोग अब हीटिंग के पारंपरिक साधनों के बजाय आधुनिक और सुरक्षित विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार में इन दिनों ऑयल फिल्ड रेडियेटर हीटर (ओएफआर) ग्राहकों की पहली पसंद बना हुआ है। सामान्य हीटर की तुलना में महंगा होने के बावजूद सेहत के प्रति जागरूक लोग इसे हाथों-हाथ ले रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों और चिकित्सकों के अनुसार साधारण रॉड वाले हीटर या ब्लोअर कमरे की नमी को सोख लेते हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। आंखों में जलन और त्वचा में सूखापन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसके विपरीत ऑयल हीटर इस तरह की समस्याएं नहीं होने देता, जो इसे खास बनाती हैं।
शहर के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार ऑयल हीटर की बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। लोग अपनी जरूरत के हिसाब से 9, 11 और 13 फिन्स वाले हीटर खरीद रहे हैं।
कीमत और ब्रांड्स
बाजार में नामी कंपनियों के ऑयल हीटर सात हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक की रेंज में उपलब्ध हैं। हालांकि यह बिजली की खपत सामान्य हीटर से थोड़ी ज्यादा कर सकते हैं, लेकिन इनकी कट-ऑफ तकनीक बिजली बचाने में भी मदद करती है।
ऑयल हीटर की खासियत
-ऑक्सीजन लेवल रहता है बरकरार : यह कमरे की हवा को जलाता नहीं है, जिससे सांस के मरीजों और बच्चों के लिए यह सुरक्षित है।
-लंबे समय तक गर्माहट : बिजली बंद होने के बाद भी इसके भीतर का तेल काफी देर तक गर्म रहता है, जिससे कमरा ठंडा नहीं होता।
-सुरक्षा के लिहाज से बेहतर : इसमें कोई खुला एलिमेंट या रॉड नहीं होती, जिससे आग लगने या हाथ जलने का खतरा न के बराबर है।
ऑयल हीटर धीरे-धीरे चलन में आ रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इनकी बिक्री बढ़ी है। सामान्य ब्लोअर से ऑक्सीजन जल जाती है, जो कि खतरनाक है। इसमें ऐसा नहीं है।
-मोहित खंडेलवाल, दुकानदार
अपनी खासियत की वजह से ऑयल हीटर लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। हालांकि सामान्य हीटर से इसके दाम अधिक हैं, लेकिन लंबे समय तक चलने की क्षमता के कारण लोग इन्हें खरीद रहे हैं।
-दीपक अग्रवाल, दुकानदार