शहर के कई इलाकों में अमृत योजना के नलों से दूषित पानी की आपूर्ति की खबर पर शनिवार को प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने नगर पालिका व जल निगम के अधिकारियों के साथ शहर में भ्रमण किया। कई जगहों से पानी के नमूने लिए गए। कई जगह पर लोगों ने शिकायत भी की।
संवाद न्यूज एजेंसी ने शनिवार के अंक में दूषित पेयजल आपूर्ति व जगह-जगह लीकेज की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। समस्या की जानकारी पर डीएम ने तत्काल सीडीओ पीएन दीक्षित की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सीडीओ के साथ ओसी कलेक्ट्रेट धर्मेंद्र, ईओ नगर पालिका रोहित सिंह, जेई जलकल हर्षवर्धन व जल निगम के इंजीनियर मौजूद रहे।
टीम सबसे पहले सादाबाद गेट स्थित अंगूमल की धर्मशाला पर पहुंची। यहां कई स्थानों पर लीकेज की शिकायत थी। सीडीओ ने अपने सामने खोदाई कराकर लीकेज की जांच कराई। साथ ही इसे तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए। लोगों ने यहां गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत की।
इसके बाद वे सर्कुलर रोड पर पहुंचे। यहां भी लोग एकत्रित हो गए और एक साल से व्याप्त समस्या से अवगत कराया। यहां की स्थिति देख सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की। लोगों को समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिकारियों ने चामड़ गेट, आवास-विकास कॉलोनी, नवीपुर, विद्यापति नगर, ओढ़पुरा का निरीक्षण किया। सीडीओ ने बताया कि अलग-अलग से जल के नमूने लिए गए हैं, जिनकी जल निगम के इंजीनियर अलीगढ़ में जांच कराएंगे। इसके साथ ईओ को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।
जलकल विभाग में होगी एई की तैनाती
निरीक्षण के दौरान ही सीडीओ को पता चला कि पिछले छह माह से नगर पालिका के जलकल विभाग में सहायक अभियंता की तैनाती नहीं है, जिससे ठेकेदारों के भुगतान रुके हैं। इस कारण शहर में मरम्मत आदि के काम भी नहीं हो पा रहे। उन्होंने बताया कि जल्द ही सहायक अभियंता की तैनाती कराई जाएगी। साथ ही समय-समय पर जल के नमूने लिए जाएंगे, जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल मिले।