एक तरफ एलपीजी के लिए उपभोक्ता पिछले 15 दिनों से गैस एजेंसियों पर लाइन में लगे हैं, तो दूसरी तरफ उनके हक की एलपीजी गैस की कालाबाजारी की जा रही है। इस सूचना पर गांव सोखना व शहर के मुरसान गेट पर छापा मारकर प्रशासनिक अधिकारियों ने 79 सिलिंडर बरामद किए हैं।
दोनों जगह अवैध रूप से मिनी गैस एजेंसी संचालित थीं, जहां गैस सिलिंडर रिफिल कर दोगुने दामों पर बेचे जा रहे थे। एसडीएम सदर राजबहादुर सिंह ने बताया कि शनिवार को सूचना मिली थी महादेव नगर, सोखना व मुरसान गेट पर एलपीजी की कालाबाजारी की जा रही है। पहले महादेव नगर में राजू गैस सर्विस में छापा मारा। अधिकारियों की गाड़ी आती देख वहां मौजूद लोग भाग खड़े हुए।
गोदाम में चार कमरे थे, जहां से 69 गैस सिलिंडर बरामद किए गए, जिनमें 15 व्यावसायिक सिलिंडर थे। इसके साथ ही गैस रिफलिंग में प्रयोग होने वाली सात-आठ बांसुरी, तौल के लिए तीन इलेक्ट्रिक कांटे तथा अमित गैस सर्विस के नाम के विजिंट कार्ड बरामद किए गए। एसडीएम ने बताया कि भारत गैस की इंदिरा गैस एजेंसी के 12 बाउचर भी मिले, जिन्हें जांच में शामिल किया गया है।
सोखना में हुई कार्रवाई की खबर जिले में फैल गई, जिसके बाद कालाबाजारी करने वाले सतर्क हो गए। टीम यहां से मुरसान गेट पर पहुंची। यहां ईदगाह के निकट कालीचरन के घर में एलपीजी सिलिंडर का कारोबार होता मिला। एसडीएम ने जानकारी की तो पता चला कि मोनू नाम का व्यक्ति कई सालों से यहां एलपीजी का काम कर रहा है।
यहां अलग-अलग कंपनियों के छोटे-बड़े मिलाकर 12 सिलिंडर बरामद किए गए। इनमें नौ घरेलू सिलिंडर खाली और तीन छोटे सिलिंडर मिले, जिनमें दो भरे थे। यहां भी टीम के पहुंचने से पहले कारोबारी फरार हो चुका था। एसडीएम ने बताया कि कालाबाजारी द्रवित पेट्रोलियम गैस आदेश 2000 का उल्लंघन है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कोतवाली हाथरस गेट में राजू गैस सर्विस के मालिक व इस काम में लिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। मुरसान गेट पर की गई कार्रवाई के संबंध में एफआईआर कोतवाली सदर में दर्ज कराई जा रही है। दोनों जगह से मिले सिलिंडर संबंधित कंपनियों की एजेंसियों के सुपुर्द कर दिए गए हैं।