हाथरस और सादाबाद में हुए फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटालों की जांच अगले महीने से बाहरी एजेंसी करना शुरू कर देगी। इससे संबंधित विद्युत वितरण खंडों के अधिकारी कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। कई अफसर और कर्मचारी हाथरस जिले से किसी दूसरे जिले में अपना तबादला कराने की जुगाड़ में लग गए हैं। कइयों ने तो नेताओं से लेकर उच्चाधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
हाथरस जिले में एक तरफ बिजली चोरी बड़े पैमाने पर है, तो वहीं विभाग का बकाएदारों पर करोड़ों रुपये का बकाया पड़ा हुआ है। हर बार यहां के अधिकारियों को बकाया, चोरी और लाइनलॉस को लेकर उच्चाधिकारियों की फटकार का सामना करना पड़ता है। वहीं जिले में लगातार सामने आ रहे कई तरह के घोटालों से भी अफसरों की परेशानी बढ़ गई है। अफसर और कर्मी खुद अपने बुने हुए जाल में फंस गए हैं।
अब जब नए एसई प्रदीप अग्रवाल ने प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से हाथरस और सादाबाद में हुए फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले की जांच की बात कही है, तब से अधिकारी कर्मी यहां से अपना तबादला कराने की जुगाड़ में जुट गए हैं। सादाबाद विद्युत वितरण खंड में भी कई अधिकारी अपना तबादला करने की फिराक में हैं। वह लगातार उच्चाधिकारी व नेताओं के संपर्क में हैं। हाथरस के तृतीय विद्युत वितरण खंड में भी कुछ इसी तरह का हाल है। यहां भी कर्मी व अफसर तबादला कराने के प्रयासों में लगे हुए हैं।
बता दें कि पिछले साल से अब तक इसी घोटाले की वजह से कई अफसर व कर्मी यहां से अपना तबादला कराकर दूसरे जिलों में चले गए हैं। एसई प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि बाहरी एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। एक जुलाई से फर्जी नलकूप कनेेक्शन घोटाले की जांच शुरू करा दी जाएगी।