स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया जा रहा है। इन ग्राम पंचायतों का मंडलीय टीम द्वारा सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन में जिले की 29 ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) करने की संस्तुति नहीं की गई है।
लिहाजा इन ग्राम पंचायतों को ओडीएफ निरस्त घोषित कर दिया गया है। डीपीआरओ शहनाज अंसारी ने इन ग्राम पंचायतों के सचिवों को एक सप्ताह में शौचालय के अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं और संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया जा रहा है। इन ग्राम पंचायतों की सूची को जिला स्तर से सत्यापन के लिए मंडल स्तर पर भेजा जा रहा है। मंडल स्तर से टीम ने जिला स्तर पर हुए ओडीएफ हुई ग्राम पंचायतों का सत्यापन किया। सत्यापन में पाया गया कि कुछ ग्रामों में शत-प्रतिशत शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। वहीं कुछ ग्रामों में निर्मित शौचालयों का शत-प्रतिशत नियमित प्रयोग नहीं हुआ है।
इस कारण टीम द्वारा इन्हें ओडीएफ किए जाने की संस्तुति नहीं की गई है। डीपीआरओ ने निर्देश जारी किए हैं कि यह सभी ग्राम पंचायत सचिव एक सप्ताह में अधूरे पड़े शौचालयों के निर्माण को पूरा कराएं, अन्यथा संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव की एक अस्थायी वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी। वहीं ग्राम प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।