क्षेत्र के गांव महरारा पर बिछाई जा रही तीसरी एवं चौथी लाइन के अंडर पास न बनने पर अब महिलाओं ने रोका काम
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क्षेत्र के गांव महरारा से होकर बिछने वाली रेलवे की तीसरी एवं चौथी लाइन के लिए चल रहे काम को रविवार को महिलाओं ने जबरन रुकवा दिया। बता दें कि शुक्रवार को भी इसी गांव के ग्रामीणों ने अंडरपास नहीं बनाए जाने से क्षुब्ध होकर रेलवे लाइन का काम रुकवा दिया था।
रेलवे के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि गांव की तरफ से रेलवे लाइन को पार करने के लिए ओवरब्रिज बनाया जाएगा। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए थे। प्रोजेक्ट मैनेजर ने उनसे यह भी कहा था कि वह अगर अंडरपास बनवाना चाहते हैं तो डीएम के पास जाकर अपनी मांग रखें। इस क्रम में गांव के कुछ लोग शनिवार को डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य से मिले और प्रार्थना पत्र देकर गांव में रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास बनवाने की मांग की। डीएम ने उनकी मांग को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया।
रविवार को जब गांव की महिलाओं को यह पता लगा कि डीएम ने केवल आश्वासन ही दिया है। इसी बात को लेकर वह घरों से बाहर निकल आईं और उन्होंने जबरन रेलवे लाइन पर काम कर रहे मजदूरों को रोक दिया। जैसे ही रेलवे का काम रुकने की भनक स्थानीय पुलिस को लगी तो पुलिस भी महिला पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गई। महिला पुलिस को देखते ही पुरुष तो पीछे हो लिए। उन्होंने महिलाओं और बच्चों को आगे कर दिया।
पुलिस के काफी समझाने के बाद महिलाएं अपनी बात पर अड़ी रहीं । अंत में प्रशासन की ओर से सादाबाद तहसीलदार पंकज वर्मा मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने भी उनको काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं अंडरपास बनवाने की मांग पर अड़ गईं और मौके से टस से मस नहीं हुईं। तहसीलदार ने इसकी सूचना रेलवे और अपने उच्चाधिकारियों को भी दे दी। बाद में रेलवे द्वारा सोमवार को एक तकनीकी टीम को अंडर पास की जगह का चयन करने के लिए भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही महिलाओं ने काम शुरू करने दिया।