खुले में शौच के विरोध में अभियान चलाने वाली यूपी सरकार का अगला मिशन खुले में मदिरापान पर रोक लगाना है। यूपी सरकार ने अब सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मालूम हो कि शहर में शाम होते ही कई शराब की दुकानों के बाहर मयखाने का माहौल नजर आने लगता है।
लोग दुकानों से शराब खरीदने के बाद सड़क पर ही मदिरापान में जुट जाते हैं। शराबियों की सुविधा के लिए दुकानों के आसपास कई ठेल-ढकेल भी लग जाते हैं लेकिन ऐसे सार्वजनिक मयखानों के पास से गुजरने वाली महिलाएं और बच्चे सहम जाते हैं।
प्रदेश सरकार के सचिव भगवान स्वरूप ने सभी जिलों के एसपी को सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने से रोकने और शराब की अवैध बिक्री की रोकथाम को सख्त निर्देश दिए हैं।
सचिव ने कहा है कि सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने व इसकी अवैध बिक्री को रोकने के संबंध में हाईकोर्ट ने 10 अगस्त को आदेश पारित किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी 15 दिसंबर 2016 को सभी राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजमार्गों पर 500 मीटर की सीमा तक शराब की दुकानों को प्रतिबंधित किया था। सरकार के निर्देशों के बावजूद अवैध रूप से शराब की बिक्री, तस्करी और इसका सेवन किया जा रहा है।
सचिव भगवान स्वरूप के मुताबिक सरकार खुले में इस तरह शराब की अवैध बिक्री और मदिरापान को लेकर सख्त है। सरकार ने साफ कर दिया है कि दुकानों से शराब खरीदने के बाद उक्त मदिरापान सार्वजनिक स्थल या सड़कों पर न किया जाए। इससे समाज के लोगों खासकर महिलाओं में भय पैदा होता है। बच्चों और किशोरों पर इसका बुरा असर पड़ता है। यह विभिन्न प्रकार के बलवा, अपराधों और सड़क हादसों का कारण भी बनता है।
पुलिस अधिकारियों की कोशिश होनी चाहिए कि वह बाजार, हाट, स्कूल, अस्पताल, प्रेक्षागृह, रेलवे स्टेशन, रेस्टोरेंट, लोक कार्यालय, लाइब्रेरी और सार्वजनिक परिवहन के साधनाें के पास लोग शराब न पीएं। इसके लिए पुलिस बल को तैनात कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसी जगहों का औचक निरीक्षण करने को भी कहा गया है।
यूपी 100 में तैनात पुलिसकर्मियों को भी सार्वजनिक स्थानों, दुकानेां के बाहर और सड़कों पर मदिरपान न होने देने को लेकर निर्देशित किया गया है। शराब की दुकान का लाइसेंस लेने वाले दुकानदार दुकान के बाहर बोर्ड लगाकर यह दर्शाएंगे कि दुकान के आसपास सार्वजनिक स्थान पर मदिरपान करना निषेध है। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर ट्रैफिक पुलिस ब्रीथ एनालाइजर लेकर कार्रवाई करेगी।
खुले में शराब पीने को लेकर पहले भी पाबंदी थी। सरकार के निर्देश के बाद अभियान चलाकर इसे और सख्ती से रोका जाएगा। पुलिस अधिनियम 1861 और आईपीसी की धारा 510 जैसे कई कानून हैं जो लोगों को खुले में शराब पीने से रोकने पर कार्रवाई की इजाजत देते हैं।
- डॉ. अरविंद कुमार, एएसपी