ईशन नदी के साथ इसके पास से गुजर रही अरिंद नदी भी बारिश की वजह से उफान ले रही है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण अब पुरदिलनगर से नगला बरी जाने वाली सड़क पर पानी भर गया है। इस कारण यहां से गुजरने वाले राहगीरों और किसानों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
दोनों नदियों के निकटवर्ती 10 गांवों के खेतों में पानी भर चुका है। इस कारण अब तक करीब 700 बीघा बाजरा और धान की फसल नष्ट हो गई है। अरिंद नदी का पानी पुरदिलनगर के क्षेत्र के गांव नगला बरी, महाराजपुर, गोपालपुर, उदैया नगला, बरसामई, मानधाती, नगला असोई, सिंचावली कदीम, नवापुर, नगला बिहारी के धान और बाजरा के खेतों में भर गया है।
अब किसान पानी के उतरने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह पता चल सके कि फसल को कितना नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि धान और बाजरा की फसलें पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं और नष्ट हो गई हैं।
किसानों का आरोप है कि जिस मार्ग से अरिंद नदी गुजर रही है, उस पर बनी पुलिया के नीचे मिट्टी व गंदगी जमा होने के कारण पानी ओवरफ्लो हो रहा है और तेजी से खेतों में पहुंच रहा है। इस कारण फसल को नुकसान हो रहा है। प्रशासन की ओर से इस पुलिया की सफाई कराने में लापरवाही बरती जा रही है।
-
मैं गांवों में सामान की आपूर्ति करने जाता हूं। फिलहाल नगला बरी वाले मार्ग पर पानी ही पानी भरा है, जिससे इस रास्ते से आवागमन में दिक्कत हो रही है।
-बंटी कुशवाहा, पुरदिलनगर।
नदी का जलस्तर बढ़ने से हर तरफ पानी ही पानी है। 20 बीघा धान की फसल नष्ट हो गई। पुलिया व नदी की सफाई न होने के कारण पानी ओवरफ्लो हो रहा है।
-राकेश यादव, नगला उदैया
मैंने 30 बीघा धान की खेती की थी। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पूरी फसल नष्ट हो गई है। पिछली बार भी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी।
-हरपाल सिंह, महाराजपुर