लगभग दो माह पहले मथुरा जंक्शन से टनकपुर के बीच चलाई गई ट्रेन के संचालन की अवधि को आठ माह के लिए और आगे बढ़ा दिया गया है। 30 अप्रैल तक चलने वाली इस ट्रेन को अब 31 दिसंबर तक संचालित किया जाएगा।
प्रयोग के तौर पर शुरू हुई इस ट्रेन का संचालन सप्ताह में पांच दिन किया जा रहा है। हाथरस सिटी स्टेशन पर ठहराव होने के चलते इस ट्रेन का फायदा यहां के यात्रियों को भी मिल रहा है। पिछले दो साल से हर रोज इस ट्रेन के बिके टिकटों की अलग से गणना की जा रही है। बावजूद इसके ट्रेन को नियमित करने व सातों दिन इसके संचालन की मंजूरी नहीं दी जा रही।
मथुरा जंक्शन-टनकपुर एक्सप्रेस को अब मथुरा छावनी से टनकपुर के लिए चलाया जा रहा है। कुछ माह पहले इस ट्रेन का ठहराव सिकंदराराऊ और उझानी स्टेशन पर भी सुनिश्चित किया गया है।
प्रयोग के तौर पर संचालन के चलते लंबे समय से दैनिक आधार पर यात्रियों की संख्या आदि का आंकलन करते हुए रिकाॅर्ड रखा जा रहा है। रिकाॅर्ड के अनुसार हर रोज इस ट्रेन में अकेले हाथरस सिटी से 200 से अधिक यात्री यात्रा कर रहे हैं।
ट्रेन के वातानुकूलित कुर्सी यान की बोगी में भी आरक्षण पूरे होते हैं। बावजूद इसके इस ट्रेन को सप्ताह में पांच दिन की जगह सात दिन चलाए जाने की मांग पर भी रेलवे का कोई ध्यान नहीं है। अभी रेलवे की ओर से इस ट्रेन का संचालन टनकपुर-मथुरा के बीच प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, वृहस्पतिवार, शुक्रवार एवं शनिवार को किया जा रहा है।
टनकपुर एक्सप्रेस के संचालन से याात्रियों को राहत मिली है। अब इस ट्रेन के प्रयोग के तौर पर संचालन को लंबा समय बीत चुका है। अब इस ट्रेन को वाकई नियमित करने की आवश्यकता है। बार-बार ट्रेन के संचालन को आगे बढ़ाया जाने की घोषणा तार्किक नहीं है।
-सौरव वर्मा, पूर्व सदस्य रेल परामर्शदात्री समिति, हाथरस सिटी।
टनकपुर एक्सप्रेस के संचालन से याात्रियों को कितना फायदा है, इसका अंदाजा बुधवार व रविवार को संचालन न होने वाले दिन स्टेशन से लौटने वाले यात्रियों की संख्या का आंकलन कर लगा लेना चाहिए। इस ट्रेन के अब नियमित तौर पर सातों दिन संचालन की आवश्यकता है।
-मनोज गौड़, पूर्व सदस्य रेल परामर्शदात्री समिति, हाथरस सिटी।