सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब ग्रामीण क्षेत्र में राशन वितरण का सत्यापन सीधे जनता के जरिए किया जाएगा। हर गांव में 50-50 लोगों को आपूर्ति विभाग मोबाइल फोन पर मैसेज भेजकर राशन वितरण से जुड़े कुछ सवाल पूछेगा। इन सवालों के जवाब से ही स्पष्ट हो जाएगा कि इन गांवों में राशन सामग्री का वितरण सही ढंग से हो रहा है या नहीं। विभाग ने इसके लिए हर गांव के 50-50 राशन कार्डधारकों के मोबाइल नंबर की ऑनलाइन फीडिंग शुरू करा दी है। 30 अगस्त से जिले में राशन वितरण के सत्यापन की यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
दरअसल, राशन वितरण में अनियमितताओं की सबसे ज्यादा शिकायतें ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित होती हैं। यह शिकायतें गांवों में पार्टीबंदी का सबब बन जाती हैं। इन्हीं शिकायतों को काबू करने और राशन डीलर्स के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए आपूर्ति विभाग अलर्ट मैसेज की व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। अब तक 200 ग्रामों के राशन कार्डधारकों की फीडिंग कराई जा चुकी है। बाकी काम भी 25 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 30 या 31 अगस्त से इस सेवा की विधिवत शुरुआत कर दी जाएगी। फीड मोबाइल नंबरों पर हर महीने एक मैसेज जाएगा, जिसमें राशन कार्ड धारक से पूछा जाएगा कि उनके डीलर ने इस महीने की किस तारीख को राशन सामग्री का वितरण किया है। अंत्योदय कार्डधारक को क्या 20 किग्रा गहूं दो रुपये प्रति किग्रा की दर से और 15 किग्रा चावल तीन रुपये प्रति किलो की दर से मिल रहा है।
पात्र गृहस्थी के कार्डधारक को तीन किलो प्रति यूनिट की दर से गेहूं और दो किलो प्रति यूनिट की दर से चावल का वितरण हुआ है या नहीं। क्या डीलर के पास खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता है। क्या डीलर ने खाद्य सामग्री की रेट लिस्ट प्रदर्शित कर रखी है या नहीं। अगर डीलर इनमें से किसी बिंदु पर खरा नहीं उतरता है तो कार्डधारक इसकी शिकायत आपूर्ति विभाग के नंबर पर कर सकते हैं, जिसकी विभागीय स्तर से जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह एक महत्वपूर्ण सुविधा है। हर गांव से 50 राशन कार्डधारकों के मोबाइल नंबरों की ऑनलाइन फीडिंग कराई जा रही है। यह काम जल्द पूरा हो जाएगा। इसका मकसद लोगों में राशन वितरण के प्रति जागरूकता लाना है।
- सुरेंद्र कुमार यादव, जिला पूर्ति अधिकारी हाथरस