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शिक्षामित्रों से नहीं कराया जाएगा बीएलओ का कार्य

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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन की मतदाता नामावली पुनरीक्षण अभियान में इस बार शिक्षामित्रों को बीएलओ नहीं बनाया जाएगा। शिक्षामित्र स्थानीय होने के कारण उन पर लगने वाले आरोपों के चलते शासन ने निर्णय लिया है। जिसे लेकर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। जिसमें साफ कहा कि शिक्षमित्रों को उनकी पंचायत में बीएलओ की जिम्मेदारी कतई न दी जाए।
अक्सर देखा जाता है कि ग्राम पंचायत चुनाव में बीएलओ की ड्यूटी करने वाले शिक्षामित्रों पर वोट काटने और वोट बढ़ाने के आरोप लगते हैं, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्यादातर शिक्षामित्र उसी ग्राम पंचायत के निवासी होते हैं, जिसमें उनको बीएलओ का कार्य दिया गया है। इसको लेकर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिए हैं। बीएसए ने पत्र में साफ कहा है कि शिक्षामित्रों के स्थानीय निवासी होने के कारण मतदाता पुनरीक्षण के कार्य में उनके ऊपर आरोप लगने की संभावना को ध्यान में रखते हुए शिक्षामित्रों की बीएलओ के रूप में ड्यूटी न लगाई जाय। विकास खंड सिकंदराराऊ व हसायन में शिक्षकों की कमी है। इसलिए इन दोनों ब्लॉकों में पहले शिक्षकों व अनुदेशकों की ड्यूटी लगाई जाए, उनके बाद अन्य विभाग के कर्मचारियों को बीएलओ नामित कराया जाएगा। इसके बाद अगर आवश्यकता हुई तो शिक्षामित्रों को उनकी पंचायत से दूसरी पंचायत में बीएलओ के रूप में नामित किया जाएगा।
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- बीएलओ नामित करते हुए सूची संबंधित तहसील में जमा कराए जाने और उसकी एक प्रति कार्यालय में उपलब्ध कराए जाने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। इस बार शिक्षामित्रों की ड्यूटी बीएलओ में नहीं लगाई जाएगी, क्योंकि इनके स्थानीय होने के कारण इन पर अक्सर आरोप लगते हैं। इसके अलावा बीएलओ की ड्यूटी लगाने का कार्य किसी भी एआरपी व शिक्षक से न कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। - मनोज कुमार मित्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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