विभागीय नोटिस के बावजूद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। शनिवार को अवकाश के दिन भी कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पर जुटे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अब 12 अक्तूबर को लखनऊ कूच कर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की तैयारी है। संगठन के मुताबिक, जिला अस्पताल की इमरजेंसी, एसएनसीयू और प्रसव कक्ष जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में तैनात संविदा कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होंगे।
इस बीच सदर विधायक अंजुला माहौर ने फोन पर कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। संगठन के जिलाध्यक्ष ऋषभ गौतम ने बताया कि कर्मचारी 12 अक्तूबर को लखनऊ पहुंचकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखेंगे। आंदोलन पिछले तीन दिनों से जारी है।
नियमितीकरण और समान वेतन की मांग : संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन शामिल हैं। इसके अलावा छह सूत्रीय मांगों में कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने रिक्त पदों पर आपसी सहमति और अनुरोध के आधार पर गैर-जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने की भी मांग रखी है। अन्य मांगों में अनुकंपा नियुक्ति, आउटसोर्स डाटा ऑपरेटरों और कोविड-19 के दौरान कार्यरत कर्मचारियों का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन तथा स्वास्थ्य विभाग की नियमित पदों की भर्ती में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटें निर्धारित करना शामिल है।