हाईकोर्ट के बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक स्थलों, शादी समारोहों और जुलूसों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के रोक के बाद पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने उन धार्मिक स्थलों को चिह्नित करना शुरू कर दिया जिनके बाहर लाउडस्पीकर लगे हुए हैं। जल्द ही पुलिस सभी को नोटिस जारी करेगी।
सीओ सिटी सुमन कनौजिया के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में ऐसे सभी धार्मिक स्थलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जहां लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थल, सभा, जुलूस और शादी समारोह में डीजे बजाने के लिए भी अब अनुमति लेनी होगी। सीओ ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर पांच साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान भी है।
इसके अलावा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जितने दिन तक लाउडस्पीकर लगाया जाएगा, प्रत्येक दिन पांच हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना तय किया जाएगा। मालूम हो कि ध्वनि प्रदूषण विनियमन और नियंत्रण अधिनियम 2000 के तहत सार्वजनिक जगहों पर लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर पाबंदी है।
हाल ही में हाईकोर्ट ने लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर तल्ख टिप्पणी की थी जिसके बाद सरकार ने इस संबंध में डीएम, एसपी से लाउडस्पीकर वाले धार्मिक स्थलों की रिपोर्ट मांगी है। 15 जनवरी तक लाउडस्पीकर न हटाने पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी मांगा गया है।