बच्चों को दी जाने वाली हाई एंटीबायोटिक सीरप सीमॉक्स सीवी ड्राई सीरप में निर्धारित मात्रा से काफी कम सॉल्ट पाया गया है। यह हकीकत लखनऊ स्थित औषधि विभाग की लैब में सामने आई है। इस मामले में अब दवा कंपनी से लेकर दवा विक्रेता, डिस्ट्रीब्यूटर को नोटिस जारी कर दवा की बिक्री पर तुरंत रोक लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
एंटीबायोटिक दवा बच्चों के शरीर में बैक्टीरिया से लड़ने में काफी मददगार होती है, लेकिन जब दवा में ही जरूरी सॉल्ट की तय मात्रा से काफी कम हो तो वह कुछ असर नहीं करेगी। औषधि निरीक्षक पूरनचंद ने बताया कि उन्होंने 25 अगस्त को कैलोरा चौराहा स्थित सुमित सेंगर के भोलेराम मेडिकल स्टोर से 30 एमएल की सीमॉक्स सीवी ड्राई सीरप का नमूना भरा था। इस नमूने को जांच के लिए लैब भेजा था।
लैब ने इस हाई एंटीबायोटिक दवा में मौजूद सॉल्ट एमीक्सोसिलिन की निर्धारित मात्रा 90 से 120 फीसदी होती है, लेकिन इसमें यह सॉल्ट सिर्फ 48.24 फीसदी ही पाया है। दूसरा सॉल्ट क्ल्यूवेनिक एसिड की मात्रा भी निर्धारित मात्रा 90 से 120 फीसदी के सापेक्ष सिर्फ 3.41 फीसदी ही पाया है। इसका मतलब साफ है कि जब दवा में सॉल्ट ही मौजूद ही नहीं है तो दवा असर कहां से करेगी। औषधि निरीक्षक ने बताया कि इस सीरप की कीमत बाजार में 90 से 95 रुपये की है।
उन्होंने बताया कि इस दवा की निर्माता कंपनी एनरॉज फार्मा सोलन हिमाचल प्रदेश के अलावा दवा विक्रेता और अलीगढ़ के डिस्ट्रीब्यूटर राम मेडिकल एजेंसी को नोटिस जारी कर दिया गया है। बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल स्टोर संचालक ने दवा का स्टॉक नगर पालिका स्थित मोहित एंटरप्राइजेज से खरीदा था। यही नहीं, इससे पूर्व भी इसी कंपनी की सिप्रो 500 एमजी का नमूना भी फेल आ चुका है। इसमें सॉल्ट की मात्रा कम पाई गई थी।