संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिले के निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों के बारे में शुल्क प्रतिपूर्ति को लेकर बीएसए ने सूचना मांगी थी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी स्कूल संचालकों द्वारा सूचना नहीं दी गई है। जिसे लेकर अब बीएसए ने ऐसे 114 स्कूलों को नोटिस जारी किया है।
निजी स्कूलों में 25 फीसद कोटा कक्षा एक और प्राथमिक में आरटीई के तहत होने वाले दाखिलों के लिए आरक्षित हैं। पिछले चार साल से लगातार गरीब बच्चों को दाखिले निजी स्कूलों में दिलाए जा रहे हैं। करीब ढाई सौ स्कूलों में चार हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शसन द्वारा शुल्क प्रतिपूर्ति विद्यालय संचालकों के खातों में भेजी जाती है। जबकि यूनिफार्म, किताब व कापी आदि के लिए पांच हजार रुपये अभिभावकों के खातों में भेजा जाता है।
समय से ग्रांट उपलब्ध हो जाए, इसके लिए पिछले दिनों बीएसए ने विद्यार्थियों का डाटा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश स्कूल संचालकों को दिए थे। 25 अक्टूबर तक डाटा उपलब्ध कराया जाना था, लेकिन जिले के 114 स्कूलों ने डाटा उपलब्ध नहीं कराया है। जिस वजह से शासन से ग्रांट आने में देरी हो सकती है। बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने 114 स्कूलों को नोटिस जारी कर तत्काल डाटा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश किए है। बीएसए का कहना है यदि डाटा नहीं उपलब्ध कराया गया तो उसके लिए स्कूल संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।