रेजगारी को जमा नहीं करने पर एक्सईएन को भेजा नोटिस
चिलिंग प्लांट के प्रबंधक की ओर से भेजे नोटिस में एक्सईएन पर लगाया अभद्रता का आरोप
पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय के प्लांट के विद्युत बिल को जमा न करने बढ़ता जा रहा है मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय के चिलिंग प्लांट के विद्युत बिल को रेजगारी द्वारा जमा नहीं करने का मामला अब और बढ़ता जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा लाखों की रेजगारी जमा करने से इंकार करने पर अब प्लांट के मैनेजर के अधिवक्ता ने विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता को कानूनी नोटिस भेजा गया है और कहा है कि यदि इस धनराशि के सिक्कों को प्राप्त कर जमा नहीं किया गया और कनेक्शन काटा गया तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई व पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय का मेंडू रोड पर रामवती चिलिंग एंड आइस प्लांट के नाम से चिलिंग प्लांट हैं। इस पर विद्युत विभाग का बकाया है। विद्युत अधिकारियों का कहना है कि इस प्लांट का कनेक्शन काट दिया गया है। हालांकि उपाध्याय का कहना है कि कनेक्शन नहीं काटा गया है।
प्लांट पर 10.94 लाख रुपये का बिजली बिल का बकाया है। प्लांट के प्रबंधक इस धनराशि को रेजगारी के रूप में जमा कराना चाहते हैं। इस बिल को जमा कराने के लिए जब प्लांट के प्रबंधक कपिल पाठक व कुछ कर्मी लाखों की रेजगारी लेकर विद्युत कार्यालय पहुंचे तो अधिकारियों ने रेजगारी को जमा करने से मना कर दिया। इसे लेकर तड़का-भड़की भी हुई।
अब प्लांट के प्रबंधक कपिल पाठक की ओर से अधिवक्ता रवि कुमार शर्मा ने एक्सईएन खानचंद्र को नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि विद्युत बिल की धनराशि के एवज में इन सिक्कों को जमा करने का जब प्लांट के मैनेजर ने अनुरोध किया तो रेजगारी को जमा करने से इंकार कर दिया गया। यह रिजर्व बैंक के नियमों का उल्लंघन है और भारतीय मुद्रा का अपमान है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि प्लांट के प्रबंधक जब इस रेजगारी को लेकर गए तो उनके साथ अभद्र व्यहार किया गया और साथ ही विद्युत संयोजन विच्छेदित करने, धनराशि पर ब्याज व पेनल्टी लगाने की धमकी भी दी गई। नोटिस में अधिवक्ता ने एक्सईएन से कहा है कि एक सप्ताह के अंदर उक्त धनराशि 10.94 लाख रुपये के सिक्कों को अपनी सुविधा के अनुसार जमा करें और विद्युत संयोजक विच्छेद करने, ब्याज और पेनल्टी नहीं लगाएं, वरना उनका पक्षकार न्यायालय व थाने में विधिक कार्रवाई करने के लिए विवश होगा।