नगर पंचायत के 1.30 करोड़ भुगतान के मामले में सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद जांच पूरी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नगर पंचायत सहपऊ में कार्यकाल समाप्त होने के बाद 1.30 करोड़ रुपये का भुगतान करने के मामले में ईओ मणिजी सैनी, कलेक्ट्रेट में तैनात दो लिपिक, नगर पंचायत सहपऊ में अस्थाई रूप से तैनात लिपिक और टीसी सिंह को नोटिस जारी किया गया है।
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मामले में निवर्तमान चेयरमैन विपन वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव , प्रमुख सचिव गृह, स्थानीय निकाय, मंडलायुक्त अलीगढ़ एवं हाथरस के जिलाधिकारी से शिकायत की थी। डीएम अर्चना वर्मा ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक ) मुहम्मद मोइनुल इस्लाम की अध्यक्षता में जांच कमेटी नियुक्त कर दी। अब एडीएम जे शिविर सहायक/ आशुलिपिक शीलेंद्र कुशवाह, तत्कालीन एलबीसी सचेंद्र उपाध्याय, तत्कालीन अस्थाई लिपिक अनुपम गुप्ता के साथ नगर पंचायत में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
नगर पंचायत बोर्ड द्वारा 2022-23 का बजट स्वीकृत नहीं होने पर 15 जुलाई 2022 को स्वीकृति के लिए निदेश स्थानीय निकाय लखनऊ को तत्कालीन चेयरमैन ने पत्र भेजे थे। जिसे सही मानते हुए निदेशक ने 42 करोड़ 43 लाख 75 हजार 176 रुपये की स्वीकृति दे दी। इसके बाद सचेंद्र और शीलेंद्र ने तत्कालीन डीएम रमेश रंजन से आदेश कराकर नगर पंचायत में बजट खर्च करने के लिए दो सदसीय कमेटी नियुक्त करा दी।
तत्कालीन डीएम के आदेश के विरुद्ध निवर्तमान चेयरमैन ने प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तरप्रदेश को पत्र प्रेषित कर डीएम का आदेश निरास्त कराने की मांग की ती। मांग नहीं माने जाने पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। जिसमें निदेशक स्थानीय निकाय को नियमानुसार कार्रवाई के आदेश दिए गए।
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार निदेशक स्थानीय निकाय ने राज्य वित्त आयोग, 14वां, 15वां वित्त आयोग, पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना, स्वच्छ भारत मिशन आदि के संबंध में गाइडलाइन जारी कर कहा कि 12-13वें वित्त आयोग में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
तत्कालीन ईओ ने नगर पंचायत में हो रहे विकास कार्यों के पूरा न होने के बावजूद कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन बाद नियम विरुद्ध 1.30 करोड़ रुपये का भुगतान विभिन्न ठेकेदारों और फर्मों कर दिया था। इस मामले में निर्वतमान चेयरमैन विपन वशिष्ठ ने शिकायत की थी। मामले में एडीएम जे ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
नगर पंचायत के 1.30 करोड़ भुगतान के मामले में सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद जांच पूरी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मो. मोइनुल इस्लाम, एडीएम जे