केंद्रीय विद्यालय में बच्चों के साथ केरम खेलते डीएम व एसपी। स्रोत : सूचना विभाग
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केंद्रीय विद्यालय में उस वक्त छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे, जब डीएम अतुल वत्स और एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा अचानक बच्चों के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने दोस्त की तरह कैरम बोर्ड पर बच्चों के साथ अपने हाथ आजमाए।
अपने मन की बात अभियान के तहत मुख्यमंत्री को संबोधित चिट्ठी लेखन कार्यक्रम के दौरान दोनों अधिकारियों का यह सहज और आत्मीय अंदाज हर किसी के दिल को छू गया।
अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालय को कैरम बोर्ड भेंट किया। इतना ही नहीं डीएम और एसपी ने खुद बच्चों के साथ स्ट्राइकर थामकर कैरम खेला और उनकी खेल प्रतिभा का उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि जीवन के सर्वांगीण विकास में खेलों का उतना ही योगदान है, जितना कि किताबों का।
पुलिस और जिला प्रशासन की इस अनोखी पहल के तहत बच्चों द्वारा लिखे गए पत्रों को मुख्यमंत्री तक भेजा जाएगा। डीएम ने आश्वस्त किया कि बच्चे अपने मन की बात में जो भी अपेक्षाएं और सुझाव कागज पर लिखेंगे, उन्हें समुचित रूप से आगे प्रेषित किया जाएगा। इस दौरान बच्चों को चॉकलेट्स बांटी गईं। इस दौरान प्रधानाचार्य महाभारत सिंह, अजीत किशन आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
रील्स और शॉर्ट्स के दौर में विद्यार्थियों से संवाद
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बच्चों से उनके अध्ययन, रुचियों और उनके माता-पिता के व्यवसाय के बारे में आत्मीयता से बातचीत की। जब डीएम अतुल वत्स ने पूछा कि क्या किसी ने पहले इनलैंड लेटर यानि अंतरदेशीय पत्र देखा या लिखा है तो अधिकांश बच्चों ने पहली बार पत्र लिखने की बात कही। डीएम ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया, रील्स और शॉर्ट्स का है। इस कल्चर से कुछ समय निकालकर बच्चों को खुद के बारे में सोचने, लिखने और अपनी भावनाओं को कागज पर उतारने का अभ्यास करना चाहिए।