विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) की अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान साक्षी के रूप में उपस्थित न होने पर तत्कालीन सादाबाद एसएचओ निरीक्षक डीके सिसौदिया के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने एसएसपी अलीगढ़ को पत्र भेजकर अवमानना कार्रवाई के तहत स्पष्टीकरण भी तलब किया है। निरीक्षक वर्तमान में अलीगढ़ के गोंडा थाने में तैनात हैं।
सादाबाद के मोहल्ला कश्यप नगर में 26 अप्रैल की शाम दो पक्षों में हुए विवाद में चली गोली से एक किशोर की मौत हो गई थी। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्रकरण में न्यायालय में साक्ष्य क्रिया चल रही है। साक्षी निरीक्षक डीके सिसौदिया को गवाही के लिए उपस्थित होना था, लेकिन वे कई तारीखों से उपस्थित नहीं हो रहे थे।
इससे पहले अदालत ने दो सितंबर 2026 को आदेश जारी कर साक्षी के वेतन से पांच हजार रुपये की कटौती न्यायालय में जमा कराने का निर्देश दिया था। डीआईजी अलीगढ़ ने भी 17 सितंबर का पत्र जारी करते हुए गवाह को पेश करने का निर्देश एसएसपी अलीगढ़ को दिया था। इसके बावजूद निरीक्षक उपस्थित नहीं हुए।
अदालत का कड़ा रुख
न्यायालय ने एसएसपी अलीगढ़ को निर्देशित किया है कि वह स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि अदालत के आदेशों और डीआईजी के निर्देशों का अनुपालन न करने तथा गवाह को प्रस्तुत न करने पर उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। अदालत ने एसएसपी अलीगढ़ को निरीक्षक डीके सिसौदिया को गैर-जमानती वारंट के जरिये गिरफ्तार कर छह अक्तूबर 2026 तक न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।