देश में नौजवानेां का समय आ गया है। उन्हें पद, प्रतिष्ठा एवं मान सम्मान मिले। उससे पहले वह अपनी जिम्मेदारी संभाले और दायित्वों का निर्वहन करें।
यह विचार सोमवार को भाजपा के युवा सांसद वरुण गांधी ने ग्राम कौमरी के माजरा नगला पतुआ में आयोजित जन सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने गरीब, किसान ,मजदूर एवं नौजवान पर केंद्रित भाषण दिया। किसानों को मरहम लगाते हुए कहा कि सूबे में किसान बदहाली का शिकार है। कई किसानों ने आत्म हत्या की है। पिछले 15 साल से जिस तरह का माहौल रहा है। कोई अपने को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। जबकि कानून सबके लिए बराबर है।
आम आदमी को धर्म व जाति के नाम पर आरक्षण देकर राजनीति से अलग रखा जा रहा है। जहां खून बहता है वहां तरक्की नहीं हो सकती। नेता की राजनैतिक सोच गरीब, किसान, मजदूर के प्रति वफादार होनी चाहिए। जिसके लिए संर्घष करना होगा। सत्ता परिवर्तन नहीं व्यवस्था परिवर्तन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उद्योगपतियों के 2 लाख 80 हजार करोड़ के लोन माफ किए गए हैं। जबकि किसान कर्ज के बोझ से आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के उपदेश का जिक्र करते हुए कहा कि तेज जाना है तो अकेले दौड़ो। दूर जाना है तो सबको साथ लेकर चलो। मैं उनके बताए मार्ग का ही अनुसरण कर रहा हूं। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऊदल सिंह तथा संचालन सतेंद्र सिंह ने किया। आयोजक कृपाल सिंह व सहयोगियों माला पहना कर वरुण का स्वागत किया।
इस मौके पर अलीगढ़ की मेयर शकुंतला भरती, चौ. देवराज सिंह, सत्यपाल सिंह सेंगर, राज कुमार दिवाकर, हरीशंकर वार्ष्णेय, नीरज गोयल, अंशुल शर्मा, गोपाल सिंह, बबलू प्रधान, कृष्ण कुमार गुप्ता, जौली ठाकुर, अखिल, संजय शर्मा,आदि मौजूद थे।