गांव बमनई निवासी सुल्तान सिंह के छह बेटे थे। इनमें ठाकुरदास (35) व सुशील (22) की सोमवार की रात को उपचार के दौरान मौत हो गई है। ठाकुरदास, सुशील और अनिल अपने नौहझील निवासी बहनोई के साथ आतिशबाजी की दुकान लगाने राया गए थे। वहां अग्निकांड में तीनों गंभीर रूप से झुलस गए।
मथुरा जिले के राया कस्बे के आतिशबाजी बाजार में हुए अग्निकांड में झुलसे गांव बमनई निवासी दो सगे भाइयों की मौत के बाद दोनों के शव मंगलवार की रात को जैसे ही गांव पहुंचे तो वहां कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। दो युवकों की मौत होने के कारण गांव के ज्यादातर घरों में दिवाली नहीं मनाई गई और गोवर्धन पूजा भी कुछ ही घरों में की गई। भाई दूज का त्योहार भी नहीं मनाया गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बता दें कि गांव बमनई निवासी सुल्तान सिंह के छह बेटे थे। इनमें ठाकुरदास (35) व सुशील (22) की सोमवार की रात को उपचार के दौरान मौत हो गई है। ठाकुरदास, सुशील और अनिल अपने नौहझील निवासी बहनोई के साथ आतिशबाजी की दुकान लगाने राया गए थे। वहां अग्निकांड में तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों को आगरा अस्पताल भेजा गया था।
वहां से ठाकुरदास की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें दिल्ली भेज दिया गया, लेकिन दिल्ली में ठाकुरदास की सोमवार की रात को मौत हो गई। 2 घंटे बाद उनके छोटे भाई सुशील ने भी दम तोड़ दिया। सुल्तान सिंह की तीनों बेटी कुसुम, पुष्पा व मधु का रो-रोकर बुरा हाल है। दो भाइयों की मौत के बाद परिवार में भैया दूज का त्योहार नहीं मनाया गया है।
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दो चचेरे भाइयों का चल रहा है उपचार
राया के आतिशबाजी बाजार में हुए अग्निकांड में झुलसे अनिल कुमार पुत्र सुल्तान सिंह व लखन कुमार पुत्र सरनाम सिंह की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। इनका उपचार आगरा में चल रहा है।